झारखंड

Jharkhand : मासूम से दरिंदगी के बाद पंचायत ने आरोपी पर लगाया जुर्माना

Kavita2
13 July 2026 3:36 PM IST
Jharkhand : मासूम से दरिंदगी के बाद पंचायत ने आरोपी पर लगाया जुर्माना
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Jharkhand झारखंड : झारखंड के गुमला जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। घाघरा थाना क्षेत्र के पलमा गांव में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ कथित रूप से दरिंदगी की घटना के बाद गांव के कुछ पंचों और ग्रामीणों की भूमिका ने लोगों को हैरान कर दिया। आरोप है कि संवेदनशील मामले में न्याय दिलाने के बजाय पंचायत के कुछ लोगों ने आरोपी से समझौते की कोशिश की और मामले को पैसों के जरिए दबाने का प्रयास किया।

जानकारी के अनुसार, पलमा गांव में तीन साल की बच्ची के साथ हुई घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश था। इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग उठ रही थी, लेकिन आरोप है कि गांव के कुछ पंचों ने पुलिस और कानून का सहारा लेने के बजाय पंचायत में ही मामला निपटाने का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि पंचायत में आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। आरोप है कि इस रकम को पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय समझौते के रूप में इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों के एक समूह ने कथित तौर पर आरोपी से मिले एडवांस पैसों से गांव में मांस और शराब की पार्टी आयोजित करने की तैयारी कर ली।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने समय रहते गांव पहुंचकर इस कथित जश्न को रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद गांव में हड़कंप मच गया और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों से जुड़े अपराधों में किसी भी तरह का समझौता या पंचायत स्तर पर निपटारा कानून के खिलाफ है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पंचायत में शामिल लोगों ने किस आधार पर मामले को दबाने की कोशिश की और आरोपी से पैसों का लेन-देन कैसे हुआ। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मासूम बच्ची के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए था, न कि आरोपी के साथ किसी तरह का समझौता करना चाहिए।

कानून विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में समझौता करना या सामाजिक दबाव के जरिए मामले को खत्म करना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में संबंधित धाराओं के तहत पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया जरूरी होती है।

घटना के बाद प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी अपराध को छिपाने या पंचायत स्तर पर निपटाने की कोशिश न करें। अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

गुमला की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर अपराधों को लेकर जागरूकता और कानून की समझ को और मजबूत करने की जरूरत है। खासकर बच्चों के खिलाफ अपराधों में समाज की संवेदनशील भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपी और पंचायत से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

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