कैंट स्टेशन से गुजरने वाली तीन ट्रेनों में छापा गैर अनुबंधित पानी की पेटियां सीज
वाराणसी। रेलवे यात्रियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाणिज्य विभाग की टीम ने रविवार को कैंट रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान तीन ट्रेनों में गैर अनुबंधित पैक्ड पानी की पेटियां मिलने पर उन्हें सीज कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह पानी रेलवे से अधिकृत या अनुबंधित नहीं था।
वाणिज्य विभाग की टीम ने गाड़ी संख्या 13240 कोटा-पटना एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 14524 हरिहरनाथ एक्सप्रेस और गाड़ी संख्या 14005 लिच्छवी एक्सप्रेस में जांच की। तलाशी के दौरान इन ट्रेनों में रेलवे से गैर अनुबंधित ब्रांड की पानी की बोतलों से भरी पेटियां मिलीं। टीम ने नियमानुसार सभी पेटियों को सीज करते हुए संबंधित पक्षों से पूछताछ शुरू की।
हालांकि, तीनों ट्रेनों से कुल कितनी पेटियां और कितनी पानी की बोतलें मिलीं, इसकी संख्या उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई रेलवे के नियमों और विभागीय जांच के आधार पर की जाएगी।
यात्रियों को 14 रुपये में मिलता है रेल नीर
कैंट रेलवे स्टेशन के निदेशक अर्पित गुप्ता ने बताया कि ट्रेनों में मिला पैक्ड पानी रेलवे से अनुबंधित नहीं था। रेलवे यात्रियों के लिए निर्धारित मूल्य पर रेल नीर उपलब्ध कराता है। यात्रियों को रेल नीर की बोतल 14 रुपये में दी जाती है। अधिकृत पेयजल उपलब्ध होने के बावजूद गैर अनुबंधित ब्रांड की बोतलों की बिक्री को नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
रेलवे परिसरों और ट्रेनों में खाद्य सामग्री एवं पेयजल बेचने के लिए अधिकृत विक्रेताओं और निर्धारित उत्पादों से संबंधित नियम लागू हैं। इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों को तय कीमत पर मानक गुणवत्ता की सामग्री उपलब्ध कराना है। बिना अनुमति वाले ब्रांड की पानी की बोतलें मिलने पर वाणिज्य विभाग उनकी बिक्री रोक सकता है और नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य को देखते हुए ट्रेनों तथा स्टेशनों पर बिकने वाली खाद्य-पेय सामग्री की नियमित जांच आवश्यक है। विशेष रूप से पैक्ड पेयजल के मामले में ब्रांड, सील, निर्माण तिथि, अधिकतम खुदरा मूल्य और रेलवे की अनुमति जैसे बिंदुओं की जांच की जाती है।
तीन प्रमुख ट्रेनों में हुई जांच
जांच अभियान के दौरान वाणिज्य विभाग की टीम ने कैंट स्टेशन पर पहुंची कोटा-पटना एक्सप्रेस के पेंट्रीकार और बिक्री से जुड़े स्थानों की जांच की। इसी क्रम में हरिहरनाथ एक्सप्रेस और लिच्छवी एक्सप्रेस में भी जांच की गई। तीनों ट्रेनों में गैर अनुबंधित पानी की पेटियां मिलने के बाद उन्हें सीज कर दिया गया।
कैंट स्टेशन से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। यहां विभिन्न राज्यों और प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली ट्रेनें रुकती हैं। यात्रियों की भारी आवाजाही के कारण पैक्ड पानी और खाद्य पदार्थों की मांग भी अधिक रहती है। इसका फायदा उठाकर गैर अधिकृत उत्पाद बेचने की आशंका बनी रहती है। ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए वाणिज्य विभाग समय-समय पर जांच अभियान चलाता है।
गर्मी, उमस या लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों को बार-बार पानी खरीदना पड़ता है। ऐसे में पानी के ब्रांड और उसकी प्रामाणिकता पर ध्यान देना जरूरी है। यात्रियों को बोतल खरीदते समय उसका ढक्कन, सील, पैकेजिंग और कीमत अवश्य देखनी चाहिए। संदिग्ध बोतल मिलने पर रेलवे कर्मचारियों या अधिकृत शिकायत माध्यम पर सूचना दी जा सकती है।
गैर अनुबंधित पानी की बिक्री पर सख्ती
रेलवे में गैर अनुबंधित पानी की बिक्री केवल राजस्व का मामला नहीं है, बल्कि यह यात्री सेवा और गुणवत्ता से भी जुड़ा विषय है। किसी उत्पाद का रेलवे से अनुबंधित न होना अपने आप में उसकी गुणवत्ता खराब होने का प्रमाण नहीं है, लेकिन उसकी बिक्री रेलवे परिसर और ट्रेनों में अधिकृत प्रक्रिया के बाहर मानी जा सकती है। इस कारण रेलवे ऐसे उत्पादों को जब्त या सीज कर संबंधित विक्रेता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करता है।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि पानी की पेटियां ट्रेनों में किस स्तर पर चढ़ाई गई थीं और उनकी आपूर्ति किसने की थी। यदि किसी अधिकृत वेंडर या कैटरिंग कर्मचारी की संलिप्तता मिलती है तो उसके अनुबंध और लाइसेंस से जुड़ी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
रेलवे में यात्रियों से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। स्टेशन निदेशक के अनुसार रेल नीर यात्रियों के लिए 14 रुपये में उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यात्रियों को बोतल पर अंकित मूल्य देखकर ही भुगतान करना चाहिए और अधिक रकम मांगे जाने पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
नियमित रूप से चलेगा अभियान
वाणिज्य विभाग की इस कार्रवाई से ट्रेनों में गैर अधिकृत खाद्य एवं पेय उत्पाद बेचने वालों के बीच सतर्कता बढ़ने की संभावना है। रेलवे प्रशासन के लिए चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को अधिकृत पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे। यदि रेल नीर या स्वीकृत ब्रांड की आपूर्ति कम होगी तो गैर अनुबंधित पानी की बिक्री के लिए अवसर पैदा हो सकता है।
रविवार को हुई जांच में तीन प्रमुख ट्रेनों से गैर अनुबंधित पानी की पेटियां मिलने के बाद संबंधित आपूर्ति व्यवस्था भी जांच के दायरे में आ सकती है। रेलवे प्रशासन से अपेक्षा है कि वह जब्त बोतलों की संख्या, ब्रांड और जिम्मेदार व्यक्तियों के संबंध में जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट करेगा।
फिलहाल वाणिज्य विभाग ने बरामद पेटियों को सीज कर दिया है। कार्रवाई का उद्देश्य ट्रेनों में अधिकृत उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करना और यात्रियों को निर्धारित कीमत पर पेयजल उपलब्ध कराना है। रेलवे यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे पानी या खाद्य सामग्री केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें और किसी गड़बड़ी की जानकारी तत्काल रेलवे प्रशासन को दें।