वाराणसी। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सीवर लाइन बिछाने का काम सोमवार से शुरू हो गया। चौक थाने की ओर करीब 4.30 मीटर गहरा गड्ढा खोदकर भूमिगत पाइपलाइन डालने की तैयारी की जा रही है। निर्माण स्थल के चारों ओर सुरक्षा के लिए लोहे के गार्ड और प्लेटें लगाई जा रही हैं ताकि राहगीर तथा वाहन चालक गहरे गड्ढे के पास न पहुंच सकें।

मौके पर सीवर लाइन में इस्तेमाल होने वाली लोहे की पाइप भी पहुंचा दी गई है। पाइप को जमीन के भीतर प्रेस कर आगे बढ़ाने के लिए करीब पांच मीटर लंबा और तीन मीटर चौड़ा गड्ढा तैयार किया गया है। इसी गड्ढे को आधार बनाकर पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस तकनीक से पूरी सड़क को लंबाई में खोदने की जरूरत नहीं होगी।

निर्माण स्थल पर पहुंचाई गई लोहे की पाइप करीब दो फीट चौड़ी और 20 फीट लंबी बताई गई है। इसे मशीन की मदद से जमीन के अंदर आगे की ओर धकेला जाएगा। एक पाइप निर्धारित दूरी तक पहुंचने के बाद उससे अगली पाइप जोड़कर इसी प्रक्रिया को दोहराया जा सकता है। इससे सड़क की सतह पर कम खोदाई करते हुए भूमिगत सीवर नेटवर्क विकसित किया जा सकेगा।

दालमंडी क्षेत्र शहर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले कारोबारी इलाकों में शामिल है। यहां दिनभर ग्राहकों दुकानदारों स्थानीय निवासियों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। संकरी सड़क और बड़ी संख्या में दुकानों के कारण सामान्य तरीके से पूरी सड़क खोदकर पाइपलाइन डालना यातायात और व्यापार दोनों के लिए बड़ी परेशानी पैदा कर सकता था।

इसलिए ऐसी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है जिसमें एक निश्चित स्थान पर गहरा गड्ढा बनाकर पाइप को जमीन के भीतर आगे बढ़ाया जाता है। इससे सड़क के बड़े हिस्से को खोलने की जरूरत कम होती है। निर्माण कार्य के दौरान धूल मलबा और यातायात अवरोध भी अपेक्षाकृत सीमित रखा जा सकता है।

हालांकि 4.30 मीटर गहरे गड्ढे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होगी। थोड़ी सी लापरवाही राहगीरों मजदूरों या वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर सकती है। इसी कारण गड्ढे के चारों तरफ मजबूत लोहे के गार्ड लगाने का काम किया जा रहा है। जरूरत के अनुसार ऊपर प्लेटें रखकर रास्ता सुरक्षित करने की व्यवस्था भी की जा सकती है।

निर्माण स्थल पर पर्याप्त रोशनी चेतावनी बोर्ड और रात के समय चमकने वाले संकेतक लगाने की आवश्यकता होगी। दालमंडी में रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है। अंधेरे या भीड़ के बीच खुला गड्ढा दिखाई नहीं देने पर दुर्घटना हो सकती है। कार्यदायी संस्था को सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती भी सुनिश्चित करनी होगी।

सीवर लाइन बिछाने का काम सड़क चौड़ीकरण परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी सड़क के निर्माण या चौड़ीकरण से पहले भूमिगत सुविधाओं को व्यवस्थित करना जरूरी होता है। यदि सड़क तैयार होने के बाद सीवर पाइपलाइन बिछाई जाए तो दोबारा खोदाई करनी पड़ती है जिससे सरकारी धन और समय दोनों का नुकसान होता है।

नई सीवर लाइन से क्षेत्र में जल निकासी और गंदे पानी के प्रबंधन में सुधार होने की उम्मीद है। दालमंडी जैसे पुराने एवं घने इलाके में मौजूदा सीवर व्यवस्था पर आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों का दबाव रहता है। बरसात के दौरान सीवर ओवरफ्लो और जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। नई पाइपलाइन की क्षमता और नेटवर्क से जुड़ाव के आधार पर इन समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

पाइपलाइन डालते समय जमीन के भीतर मौजूद अन्य सेवाओं की पहचान करना भी जरूरी है। इलाके में पेयजल लाइन बिजली और दूरसंचार केबल जैसी सुविधाएं पहले से मौजूद हो सकती हैं। मशीन से पाइप आगे बढ़ाते समय इन लाइनों को नुकसान न पहुंचे इसके लिए तकनीकी सर्वेक्षण और निगरानी आवश्यक होगी।

गड्ढे की गहराई अधिक होने के कारण मिट्टी धंसने का खतरा भी बना रहता है। निर्माण एजेंसी को गड्ढे की दीवारों को सहारा देने और पानी के रिसाव की स्थिति में तत्काल निकासी की व्यवस्था रखनी होगी। कार्य के दौरान मजदूरों को हेलमेट सुरक्षा बेल्ट जूते और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

स्थानीय कारोबारियों की नजर निर्माण की समयसीमा पर भी टिकी हुई है। लंबे समय तक काम चलने से ग्राहकों की आवाजाही और दुकानों तक सामान पहुंचाने में परेशानी हो सकती है। निर्माण एजेंसी को चरणबद्ध ढंग से काम पूरा करना होगा ताकि बाजार की गतिविधियां कम से कम प्रभावित हों।

दालमंडी क्षेत्र में सामान की आपूर्ति करने वाले छोटे और बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते अथवा निर्धारित समय तय किया जा सकता है। निर्माण स्थल के पास अनियंत्रित पार्किंग से जाम की स्थिति बन सकती है। यातायात प्रबंधन के लिए स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों के बीच समन्वय जरूरी रहेगा।

पाइप प्रेस करने की प्रक्रिया तकनीकी रूप से संवेदनशील होती है। जमीन की प्रकृति पाइप का वजन गहराई और निर्धारित दिशा पर लगातार नजर रखनी पड़ती है। यदि पाइप दिशा से हटती है तो उसे आगे के सीवर नेटवर्क से जोड़ने में समस्या हो सकती है। इसलिए काम के दौरान अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों की मौजूदगी आवश्यक होगी।

पाइपलाइन बिछने के बाद उसकी मजबूती प्रवाह क्षमता और जोड़ की जांच की जाएगी। सभी परीक्षण सफल होने के बाद गड्ढे को सुरक्षित तरीके से बंद कर सड़क की सतह को बहाल किया जाना चाहिए। निर्माण सामग्री और मलबे को समय से हटाने पर इलाके में आवागमन सामान्य बनाए रखने में मदद मिलेगी।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि परियोजना तय समय के भीतर पूरी होगी और निर्माण के बाद क्षेत्र की सड़क एवं सीवर व्यवस्था में सुधार दिखाई देगा। लोगों ने काम की गुणवत्ता के साथ सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। गहरे गड्ढे के पास बच्चों और बुजुर्गों की आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

फिलहाल चौक थाने की ओर गड्ढा तैयार कर पाइपलाइन बिछाने की शुरुआती प्रक्रिया चल रही है। लोहे की पाइप मौके पर पहुंच चुकी है और सुरक्षा घेरा बनाया जा रहा है। बिना पूरी सड़क खोदे पाइप बिछाने की व्यवस्था सफल रहती है तो परियोजना के दौरान बाजार और यातायात पर पड़ने वाले प्रभाव को काफी हद तक सीमित किया जा सकेगा।

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