नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के फुटबाल स्टेडियम में रविवार को अंतरिक्ष विज्ञान का अनोखा नजारा देखने को मिला। विश्वविद्यालय परिसर में इन-स्पेस (IN-SPACe) के सहयोग से रॉकेट लांचिंग का विशेष प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें एक के बाद एक चार रॉकेट सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किए गए।
रॉकेट के उड़ान भरते ही स्टेडियम में मौजूद छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को अंतरिक्ष तकनीक, रॉकेट विज्ञान और देश में तेजी से बढ़ते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र से जोड़ना था।
चार स्टार्टअप टीमों ने किया प्रदर्शन
इस विशेष कार्यक्रम में देश की चार प्रमुख स्पेस स्टार्टअप टीमों ने हिस्सा लिया। इनमें थ्रस्ट टेक, सिनोडिक, रमन रिसर्च और बास टेक्नोलॉजीज शामिल रहीं।
इन सभी टीमों ने अपने-अपने रॉकेट की तकनीकी विशेषताओं और प्रक्षेपण प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया।
टीमों ने छात्रों को बताया कि रॉकेट निर्माण में किस तरह की तकनीक, डिजाइन और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है।
छात्रों ने पहली बार देखा लाइव रॉकेट लॉन्च
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के छात्र मौजूद रहे। रॉकेट लॉन्चिंग के दौरान छात्रों ने अंतरिक्ष विज्ञान को करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया।
जैसे ही रॉकेट आसमान की ओर उड़ान भरने लगे, स्टेडियम तालियों की गूंज से भर गया।
छात्रों ने इस अनुभव को बेहद रोमांचक बताया और कहा कि किताबों में पढ़ी गई अंतरिक्ष तकनीक को अपनी आंखों के सामने देखना एक अलग अनुभव था।
निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने की पहल
इन-स्पेस भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली संस्था है। इसके माध्यम से निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स को अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को यह संदेश दिया गया कि अब अंतरिक्ष अनुसंधान केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र भी इसमें तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्टार्टअप्स ने दिखाई तकनीकी क्षमता
कार्यक्रम में शामिल स्टार्टअप टीमों ने अपने रॉकेट की क्षमता और तकनीकी खूबियों को प्रदर्शित किया।
उन्होंने बताया कि छोटे रॉकेट और नई तकनीकों के माध्यम से अंतरिक्ष क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
इन कंपनियों का लक्ष्य कम लागत में बेहतर अंतरिक्ष तकनीक विकसित करना है।
विश्वविद्यालय में विज्ञान के प्रति बढ़ेगी रुचि
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में छात्रों की रुचि बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस तरह के आयोजन छात्रों को नई तकनीकों से परिचित कराने और उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों ने साझा की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने छात्रों से बातचीत भी की।
उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में करियर के अवसरों, रॉकेट डिजाइन, सैटेलाइट तकनीक और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।
छात्रों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना आयोजन
कार्यक्रम में शामिल छात्रों का कहना था कि इस तरह के आयोजन उन्हें विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
कई छात्रों ने कहा कि भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और आने वाले समय में युवाओं के लिए इसमें कई अवसर उपलब्ध होंगे।
भारत के अंतरिक्ष भविष्य की झलक
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में हुआ यह रॉकेट प्रदर्शन भारत के बदलते अंतरिक्ष क्षेत्र की एक झलक माना जा रहा है।
जहां पहले अंतरिक्ष गतिविधियां मुख्य रूप से सरकारी संस्थानों तक सीमित थीं, वहीं अब स्टार्टअप्स भी इस क्षेत्र में नई तकनीक और नए विचारों के साथ आगे आ रहे हैं।
छात्रों में दिखा विज्ञान के प्रति उत्साह
कार्यक्रम के अंत में छात्रों और शिक्षकों ने स्टार्टअप टीमों की सराहना की।
चार रॉकेट के सफल प्रक्षेपण ने विश्वविद्यालय परिसर में विज्ञान और नवाचार का माहौल बना दिया।
यह आयोजन छात्रों के लिए केवल एक प्रदर्शन नहीं बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान को समझने और भविष्य की संभावनाओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।