Varanasi वाराणसी : मानसूनी द्रोणिका दक्षिण से हटकर उत्तर की ओर बढ़ती हुई शनिवार को अपनी सामान्य स्थिति में आ गई। द्रोणिका के स्थान परिवर्तन के साथ ही शुरू हुई वर्षा ने धरती का आंचल जुडा दिया।
शुक्रवार की सुबह आठ बजे से शनिवार की सुबह आठ बजे तक जहां बीएचयू क्षेत्र में 27 सेमी वर्षा हुई थी, वहीं शनिवार की दोपहर बाद दो बजे से शाम के पांच बजे तक तीन घंटों में 32.4 मिमी पानी गिरा। इससे निचले क्षेत्रों में जलजमाव हो गया और आवागमन में समस्याएं भी उत्पन्न हुईं। वर्षा से किसानों के चेहरे खिल उठे और वे धान की रोपाई में जुट गए। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है अगले तीन-चार दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मानसूनी द्रोणिका जब राजस्थान के गंगानगर से प्रयागराज, वाराणसी होते हुए कोलकाता तक एक सीध में होती है तो इसे सामान्य स्थिति माना जाता है। ऐसे में द्रोणिका के दक्षिण की ओर जोरदार वर्षा होती है। द्रोणिका इसके पहले दक्षिण में मध्य प्रदेश में थी। शुक्रवार से यह ऊपर की ओर यानी उत्तर की ओर उठना शुरू हुई इसके निकट आते ही वर्षा का क्रम आरंभ हो गया।
शुक्रवार को शाम से रात तक कुल 27 मिमी वर्षा हुई। शनिवार को इसके सामान्य स्थिति में आते ही दोपहर बाद से जो वर्षा आरंभ हुई तो फिर 32.4 मिमी पानी बरसा। इससे अधिकतम तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की कमी आई और यह सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे 33.6 पर आ गया। न्यूनतम तापमान भी 1.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और यह सामान्य से 1.1 डिग्री नीचे 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
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