जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी महेश कुमार को सौंपा। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जेपी सिंह के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अतिदलित समाज के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सुभासपा नेताओं ने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई हिस्सों में इन समुदायों के लोगों के साथ कथित तौर पर भेदभाव, अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल और उत्पीड़न जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिन पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अतिदलित समाज के खिलाफ लगातार जातिसूचक, अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से वंचित वर्गों में असंतोष और आक्रोश की भावना पैदा हो रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय को उसकी जाति के आधार पर अपमानित करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि सभी वर्गों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है और इसके लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।
ज्ञापन में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों के लोगों को कथित रूप से धमकाने, परेशान करने, उनकी जमीनों पर अवैध कब्जा करने और जातिसूचक टिप्पणियां करने जैसे मामलों का उल्लेख किया गया। संगठन ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
सुभासपा कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर भी नजर रखने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई बार अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे समाज में तनाव और वैमनस्य फैलने की संभावना रहती है। ऐसे मामलों में निगरानी बढ़ाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अतिदलित समाज के सम्मान, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाने की मांग की। इसके साथ ही समाज में जातिवादी मानसिकता को खत्म करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की अपील भी की गई।
सुभासपा नेताओं ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी सम्मान और भाईचारा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और किसी भी व्यक्ति या समूह को कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति न दी जाए।
अपर जिलाधिकारी महेश कुमार ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि संबंधित मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने प्रशासन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में सुभासपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन ने कहा कि वह पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा और जरूरत पड़ने पर आगे भी आंदोलन किया जाएगा।