Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: बजट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए बजट सत्र के दौरान सत्तापक्ष के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह भाजपा सरकार का “आखिरी बजट” है और बजट पेश होने के समय सदन में अपेक्षित उत्साह नजर नहीं आया।
रागिनी सोनकर ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि बजट प्रस्तुति के दौरान भाजपा के सदस्य भी डेस्क थपथपाते नहीं दिखे। उन्होंने कहा, “अगर आप मेरी बात से सहमत न भी हों, तो उस समय के वीडियो देख लीजिए। आपको साफ दिखेगा कि सत्तापक्ष में भी जोश और उत्साह की कमी थी।” उनके अनुसार, सदन का माहौल सरकार के प्रति आत्मविश्वास की कमी को दर्शाता है।
सपा विधायक ने बजट की प्राथमिकताओं पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए और संकेत दिया कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पाई है। हालांकि, उन्होंने बजट के विशिष्ट प्रावधानों पर विस्तार से टिप्पणी नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि जनता और विपक्ष दोनों को बजट से निराशा हुई है।
भाजपा की ओर से इस बयान पर अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सत्तापक्ष के नेताओं का कहना है कि बजट राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं को मजबूती देने वाला है। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर चर्चा तेज है और इसे आगामी चुनावी माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। यूपी की राजनीति में बजट हमेशा से अहम मुद्दा रहा है, और ऐसे बयान सत्र के दौरान सियासी तापमान को और बढ़ा देते हैं।