सपा विधायक मेहत्रा ने विधेयक को जनविरोधी बताया, नकल फाड़ने पर जताई आपत्ति

Update: 2025-12-18 16:40 GMT
Lucknow लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रवीदास मेहत्रा ने आज लोकसभा में प्रस्तुत किए गए एक नए विधेयक पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि विधेयक की प्रति को विपक्ष के नेताओं ने फाड़ दिया, और इसे “जनविरोधी” बताया। मेहत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस विधेयक को पेश कर जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाना चाहती है। मेहत्रा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “आज लोकसभा में जो विधेयक पेश किया गया, उसकी प्रति विपक्ष के नेताओं द्वारा फाड़ दी गई। यह विधेयक सीधे तौर पर आम जनता के खिलाफ है और इसे सरकार इसीलिए ला रही है ताकि लोग अपनी असली समस्याओं पर ध्यान न दें।” उन्होंने कहा कि इस कदम से सरकार का असली इरादा जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना और अपने हित साधना है।

सपा विधायक ने बताया कि विधेयक में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं जो आम लोगों, छोटे व्यवसायियों और किसानों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, “यह विधेयक केवल कानूनी या प्रशासनिक बदलाव का बहाना है, लेकिन असल में यह जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। जब लोग अपने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों से जूझ रहे हैं, सरकार ऐसे विधेयक लेकर आती है। मेहत्रा ने आगे कहा कि विपक्ष ने विधेयक की प्रति फाड़कर स्पष्ट संदेश दिया कि यह प्रस्ताव जनता के हित में नहीं है। उन्होंने विधेयक के कई प्रावधानों को “असंबंधित और हानिकारक” बताते हुए कहा कि इसके कारण गरीब और मध्य वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

इस मौके पर मेहत्रा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अक्सर ऐसी रणनीति अपनाती है, जहां बड़े और जटिल मुद्दों पर बहस करने के बजाय, ध्यान भटकाने वाले विधेयक पेश किए जाते हैं। उन्होंने कहा, “सरकार जनता के सामने वास्तविक मुद्दों को नहीं रखती। रोजगार, महंगाई, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मसलों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। इसके बजाय, ऐसे विधेयक पेश कर लोगों का ध्यान भटकाया जा रहा है। सपा विधायक ने जोर देकर कहा कि विपक्ष लगातार जनता के हित में खड़ा है और ऐसे
विधेयकों का विरोध करेगा
। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ़ विरोध करना नहीं है, बल्कि जनता के हितों की रक्षा करना है। हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी विधेयक जिसे जनता के खिलाफ समझा जाता है, उसका उचित और कड़ा विरोध किया जाए। 

मेहत्रा ने लोकसभा में विपक्ष के नेताओं के इस साहसिक कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने विधेयक की प्रति फाड़कर न केवल अपनी असहमति जताई, बल्कि यह भी दिखाया कि जनता के मुद्दों को नजरअंदाज कर सरकार किस तरह कानून और प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर रही है। इस पूरे मामले ने उत्तर प्रदेश विधानसभा और लोकसभा में विपक्ष की सक्रियता को फिर से उजागर किया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ऐसे घटनाक्रम सरकार और विपक्ष के बीच तनाव और जनविरोधी नीतियों को लेकर बढ़ते विरोध को दर्शाते हैं। विधायक रवीदास मेहत्रा ने अंत में कहा, “हम जनता के हित में हमेशा खड़े रहेंगे और किसी भी जनविरोधी कदम को सफल नहीं होने देंगे। जनता की आवाज को दबाने के किसी भी प्रयास का हम विरोध करेंगे।”
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