अयोध्या।राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित गड़बड़ी मामले की जांच अब और गहराती जा रही है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए विशेष जांच दल (SIT) एक बार फिर अयोध्या पहुंचा है। जांच टीम अब बैंकिंग रिकॉर्ड, लेनदेन की जानकारी और दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य फोकस भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के रिकॉर्ड पर है, जहां चढ़ावे से जुड़ी रकम जमा होती रही है।
एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर पूरी प्रक्रिया में कहां चूक हुई और क्या किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ। बैंक रिकॉर्ड की जांच के जरिए टीम जमा रकम, निकासी, भुगतान और संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर रही है।
SBI पहुंची जांच टीम, खंगाले जा रहे दस्तावेज
जांच के दौरान एसआईटी और पुलिस की टीम ने एसबीआई शाखा पहुंचकर बैंक अधिकारियों से जानकारी जुटाई। टीम ने चढ़ावे की रकम जमा करने की प्रक्रिया, बैंक रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की।
जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि दान राशि के प्रबंधन में कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित होती थी। इसके लिए बैंक स्टेटमेंट, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
कहां हुआ खेल? हर पहलू पर नजर
मामले में एसआईटी अब कई सवालों के जवाब तलाश रही है। जांच का एक अहम बिंदु यह है कि दान पेटियों से लेकर बैंक में जमा होने तक पूरी प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता हुई या नहीं।
टीम यह भी जांच रही है कि तय नियमों के अनुसार दान राशि की गिनती, रिकॉर्डिंग और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया पूरी हुई थी या नहीं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों की भूमिका और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है।
बैंकिंग व्यवस्था की भी हो रही जांच
जांच एजेंसियां केवल चढ़ावे की रकम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था और रिकॉर्ड मैनेजमेंट की भी पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि बैंक और ट्रस्ट के बीच तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। रिकॉर्ड में किसी तरह की कमी या अंतर मिलने पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है।
कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ
मामले में एसआईटी ने मंदिर व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से भी जानकारी जुटाई है। जांच टीम अलग-अलग लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी जा सके।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए बैंक कर्मचारियों, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों और वित्तीय प्रक्रिया में शामिल व्यक्तियों की भूमिका भी देखी जा रही है।
रिकॉर्ड से खुलेगा पूरा राज
एसआईटी का मानना है कि बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। वित्तीय लेनदेन का मिलान करने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कोई गड़बड़ी हुई है या नहीं।
जांच एजेंसियां हर छोटे से छोटे रिकॉर्ड को जोड़कर पूरे मामले की तस्वीर साफ करने में जुटी हैं।
आरोपियों के खातों और संपत्तियों पर भी नजर
जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े बैंक खातों और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित गड़बड़ी से जुड़ी कोई आर्थिक गतिविधि हुई या नहीं।
इसके अलावा जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों की संपत्ति और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है। टीम सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की समीक्षा कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामले में वास्तविक गड़बड़ी कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
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