शास्त्री मार्केट की थर्ड पार्टी से होगी जांच, रिपोर्ट के बाद तय होगा मरम्मत या ध्वस्तीकरण
फिरोजाबाद। सदर बाजार स्थित मुख्य व्यावसायिक केंद्र शास्त्री मार्केट के भवन की मजबूती को लेकर नगर निगम प्रशासन ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। नगर निगम अब मार्केट की थर्ड पार्टी से तकनीकी जांच कराएगा। इस जांच के जरिए भवन में बनी दुकानों और पूरे ढांचे की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह तय होगा कि मार्केट की मरम्मत कराई जाए या भवन को गिराने की जरूरत है।
करीब पांच दशक पहले नगर निगम प्रशासन की ओर से शास्त्री मार्केट का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में यह बाजार शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में शामिल है। मार्केट में भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल पर 250 से अधिक दुकानें संचालित हैं। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भवन की सुरक्षा को लेकर किसी भी निर्णय का सीधा असर दुकानदारों और आम लोगों पर पड़ेगा।
पांच दशक पुराना है भवन
शास्त्री मार्केट का निर्माण लगभग 50 वर्ष पहले कराया गया था। लंबे समय से उपयोग में रहने के कारण भवन की संरचना की मजबूती को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। मार्केट में प्रतिदिन बड़ी संख्या में दुकानदार और ग्राहक मौजूद रहते हैं, इसलिए भवन की संरचनात्मक सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
नगर निगम प्रशासन अब किसी जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय विशेषज्ञों से भवन की तकनीकी जांच कराने की तैयारी कर रहा है। थर्ड पार्टी एजेंसी भवन के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण करेगी और उसकी संरचनात्मक स्थिति का मूल्यांकन करेगी।
जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि भवन की वर्तमान स्थिति कितनी मजबूत है, किन हिस्सों में मरम्मत की आवश्यकता है और क्या पूरे भवन को सुरक्षित रखने के लिए विशेष तकनीकी उपाय किए जा सकते हैं।
250 से अधिक दुकानें
शास्त्री मार्केट में भूतल के अलावा प्रथम और द्वितीय तल पर बड़ी संख्या में दुकानें बनी हुई हैं। कुल मिलाकर यहां 250 से अधिक दुकानें संचालित होने की जानकारी है। ये दुकानें लंबे समय से स्थानीय व्यापार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं।
मार्केट में कपड़े, घरेलू सामान, रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं समेत कई तरह का कारोबार होता है। शहर के लोग ही नहीं, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहक भी यहां खरीदारी करते हैं।
ऐसे में यदि भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए मार्केट को खाली कराने की जरूरत पड़ती है तो दुकानदारों और ग्राहकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का सवाल भी सामने आएगा। फिलहाल नगर निगम का ध्यान पहले भवन की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन कराने पर है।
रिपोर्ट के आधार पर होगा फैसला
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शास्त्री मार्केट को लेकर अंतिम निर्णय थर्ड पार्टी जांच की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। यदि विशेषज्ञों की रिपोर्ट में भवन को मरम्मत के बाद सुरक्षित पाया जाता है तो आवश्यक मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम कराया जा सकता है।
वहीं, यदि तकनीकी जांच में भवन की संरचना को गंभीर रूप से कमजोर पाया जाता है और मरम्मत के बावजूद सुरक्षा सुनिश्चित करना संभव नहीं होता है, तो उसे गिराने जैसे विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
इससे पहले किसी तरह का अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ऐसा फैसला लेना है जिससे दुकानदारों और बाजार में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
दुकानदारों की भी नजर
मार्केट की 250 से अधिक दुकानों से जुड़े व्यापारियों की नजर अब नगर निगम के फैसले पर है। दुकानदारों के लिए भवन की स्थिति महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ उनका कारोबार भी इससे जुड़ा हुआ है। यदि मार्केट को खाली कराकर मरम्मत या ध्वस्तीकरण का काम किया जाता है तो उनके कारोबार पर असर पड़ सकता है।
ऐसे में दुकानदार चाहते हैं कि प्रशासन पहले भवन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे और आगे की कार्रवाई के बारे में उन्हें समय पर जानकारी दे। यदि मरम्मत संभव हो तो कारोबार को कम से कम प्रभावित करते हुए काम कराने की योजना बनाई जा सकती है।
ग्राहकों की सुरक्षा प्राथमिकता
शास्त्री मार्केट शहर का प्रमुख खरीदारी केंद्र होने के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बाजार में भीड़ को देखते हुए भवन की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही जोखिम भरी हो सकती है।
थर्ड पार्टी जांच के जरिए भवन के कमजोर हिस्सों की पहचान होने की उम्मीद है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि किन स्थानों पर तत्काल मरम्मत की जरूरत है और किन हिस्सों को दीर्घकालीन सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता है।
प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी निर्णय से पहले तकनीकी विशेषज्ञों की राय ली जाए, ताकि भविष्य में किसी तरह की अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।
पुराने भवनों की सुरक्षा पर बढ़ा ध्यान
शास्त्री मार्केट की जांच का फैसला शहर में पुराने सार्वजनिक और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समय के साथ भवनों की संरचनात्मक क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में नियमित तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत जरूरी होती है।
करीब पांच दशक पुराने शास्त्री मार्केट में बड़ी संख्या में दुकानें होने के कारण यहां की सुरक्षा का मुद्दा और महत्वपूर्ण हो जाता है। थर्ड पार्टी एजेंसी की रिपोर्ट से भवन की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
अब जांच रिपोर्ट का इंतजार
नगर निगम प्रशासन ने फिलहाल मार्केट की मजबूती का स्वतंत्र तकनीकी आकलन कराने का निर्णय लिया है। जांच के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट में भवन की संरचना, दुकानों की स्थिति और संभावित जोखिमों का आकलन किया जाएगा।
इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार होगी। यदि भवन सुरक्षित पाया गया तो मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का विकल्प अपनाया जा सकता है। यदि भवन को असुरक्षित पाया गया तो ध्वस्तीकरण और नए निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।
फिलहाल दुकानदारों और शहरवासियों की नजर थर्ड पार्टी जांच पर टिकी है। पांच दशक पुराने इस प्रमुख बाजार की सुरक्षा और भविष्य को लेकर अब तकनीकी रिपोर्ट ही अगला रास्ता तय करेगी।