लखीसराय। जिले में गंगा, किऊल और हरुहर नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से अनुग्रह राहत राशि दी जाएगी। बड़हिया, पिपरिया, लखीसराय और सूर्यगढ़ा प्रखंड के चिह्नित 36,566 बाढ़ पीड़ित परिवारों का अब तक सत्यापन किया जा चुका है। पात्र परिवारों के बैंक खातों में सात-सात हजार रुपये भेजे जाएंगे। प्रशासन 15 सितंबर को प्रस्तावित राशि अंतरण की तैयारी में जुटा है। शेष सूची के सत्यापन के बाद प्रभावित परिवारों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के निर्देश पर चारों प्रभावित प्रखंडों में लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारियों की देखरेख में संपूर्ति पोर्टल पर दर्ज बाढ़ पीड़ित परिवारों की जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारियों को 15 सितंबर से पहले प्रभावित परिवारों के बैंक खाते और आधार का सत्यापन पूरा करने का निर्देश दिया है। राशि अंतरण से पहले पात्र परिवारों का विवरण स्पष्ट करना इस प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा है।
गंगा, किऊल और हरुहर नदी के बढ़े जलस्तर से जिले के चार प्रखंडों के परिवार प्रभावित हुए हैं। राहत राशि के लिए इन्हीं क्षेत्रों में चिह्नित परिवारों की सूची तैयार की गई है। अब तक सत्यापित परिवारों की संख्या 36,566 है। हालांकि, यह संख्या अंतिम नहीं मानी जा रही है, क्योंकि सूची में दर्ज अन्य परिवारों का सत्यापन जारी है। पात्रता की पुष्टि होने पर अतिरिक्त परिवार भी राहत वितरण की सूची में शामिल हो सकते हैं।
प्रत्येक पात्र परिवार को सात हजार रुपये की अनुग्रह राहत राशि मिलेगी। यह सहायता परिवार के आधार पर दी जानी है। इसलिए 36,566 की संख्या प्रभावित व्यक्तियों की नहीं, बल्कि सत्यापित परिवारों की है। किसी परिवार में सदस्यों की संख्या अलग-अलग हो सकती है, लेकिन उपलब्ध विवरण में सहायता की राशि प्रति परिवार तय बताई गई है। परिवारों के सत्यापन और बैंक विवरण की पुष्टि के बाद उनके खातों में राशि भेजने की तैयारी की जा रही है।
अब तक सत्यापित सभी 36,566 परिवारों को सात-सात हजार रुपये मिलने की स्थिति में कुल राशि 25 करोड़ 59 लाख 62 हजार रुपये होगी। यह गणना वर्तमान सत्यापित परिवारों की संख्या पर आधारित है। यदि अंतिम सूची में परिवारों की संख्या बढ़ती है, तो कुल राहत राशि भी बढ़ेगी। इसलिए वास्तविक कुल अंतरण की राशि अंतिम पात्र सूची पर निर्भर करेगी। फिलहाल प्रशासन का ध्यान परिवारों के विवरण का सत्यापन पूरा करने और सूची को अंतिम रूप देने पर है।
बैंक खातों और आधार का सत्यापन राशि अंतरण की तैयारी में महत्वपूर्ण है। जिलाधिकारी ने इसके लिए संबंधित अंचलाधिकारियों को समयसीमा के भीतर काम पूरा करने को कहा है। सही बैंक विवरण उपलब्ध होने से पात्र परिवारों तक निर्धारित राशि पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कितने परिवारों के बैंक विवरण की जांच पूरी हो चुकी है और कितनों का सत्यापन बाकी है, इसका अलग आंकड़ा नहीं दिया गया है।
संपूर्ति पोर्टल पर दर्ज सूची की जांच अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारियों की देखरेख में हो रही है। इस सूची में शामिल परिवारों की जानकारी को सत्यापित करके अंतिम रूप दिया जा रहा है। इससे राहत राशि पाने वाले पात्र परिवारों की संख्या स्पष्ट होगी। उपलब्ध विवरण में प्रखंडवार लाभार्थियों की संख्या नहीं दी गई है। इसलिए बड़हिया, पिपरिया, लखीसराय और सूर्यगढ़ा में अलग-अलग कितने परिवार सत्यापित हुए हैं, इसकी निश्चित जानकारी अभी सामने नहीं है।
प्रशासन के लिए 15 सितंबर से पहले सत्यापन पूरा करना तत्काल प्राथमिकता है। प्रस्तावित अंतरण को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को बैंक खाते और आधार की जांच समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 15 सितंबर को बाढ़ पीड़ित परिवारों के खातों में राशि का अंतरण करेंगे। यह कार्यक्रम अभी प्रस्तावित भुगतान से संबंधित है। पात्र परिवारों के खातों में राशि पहुंचने की स्थिति अंतरण के बाद स्पष्ट होगी।
अनुग्रह राहत राशि बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहयोग के रूप में दी जाएगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नुकसान के प्रकार और उसके आकलन का विस्तृत विवरण नहीं है। कितने घर प्रभावित हुए, कृषि भूमि को कितना नुकसान पहुंचा या अन्य संपत्ति पर क्या असर पड़ा, इसके आंकड़े शामिल नहीं हैं। इसलिए इस सहायता को किसी विशेष नुकसान की पूरी भरपाई के रूप में नहीं बताया जा सकता। स्पष्ट जानकारी प्रति पात्र परिवार सात हजार रुपये दिए जाने की है।
चारों प्रभावित प्रखंडों में सूची का सत्यापन जारी रहने के कारण अंतिम लाभार्थी संख्या बदल सकती है। वर्तमान में 36,566 परिवारों का सत्यापन पूरा होने की जानकारी दी गई है। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के निर्देश पर संबंधित अधिकारी शेष प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। बैंक खाते और आधार का सत्यापन 15 सितंबर से पहले समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पात्र परिवारों के खातों में निर्धारित सात हजार रुपये की अनुग्रह राहत राशि भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।