अलीगढ़। दिल्ली के साहिबाबाद क्षेत्र में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने के कारण मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर के रेल यातायात पर बड़ा असर पड़ा। हादसे के बाद गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया, जिसके चलते अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। राजधानी, शताब्दी समेत कई सुपरफास्ट ट्रेनों के समय में बदलाव हुआ और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, साहिबाबाद के पास मालगाड़ी के छह डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही धीमी कर दी गई। हादसे का असर इतना व्यापक रहा कि 50 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुईं। कई ट्रेनों को रास्ते में रोकना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया और कुछ यात्री ट्रेनों को रद्द भी करना पड़ा।
अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। कानपुर और अन्य शहरों से दिल्ली की ओर जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचीं। इनमें भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, गरीब रथ, लिच्छवी एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, रीवा एक्सप्रेस, सप्तक्रांति एक्सप्रेस और अलीगढ़-दिल्ली ईएमयू जैसी ट्रेनें शामिल रहीं।
ट्रेनों की देरी के कारण यात्री लगातार रेलवे पूछताछ केंद्र पर जानकारी लेते नजर आए। कई यात्रियों को घंटों प्लेटफॉर्म पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। रेलवे की ओर से समय-समय पर अनाउंसमेंट कर यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति की जानकारी दी गई। यात्रियों की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों को भी तैनात किया गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद प्रभावित रेलखंड को सामान्य करने के लिए तेजी से मरम्मत कार्य शुरू किया गया। ट्रैक को दुरुस्त करने और यातायात बहाल करने के लिए रेलवे की तकनीकी टीमों को मौके पर लगाया गया। हालांकि, जब तक ट्रैक पूरी तरह से सामान्य नहीं हुआ, तब तक कई ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाया गया।
हादसे के चलते दिल्ली आने-जाने वाली कई ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया। रेलवे ने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। अधिकारियों के मुताबिक, 24 से अधिक ट्रेनों के रूट बदले गए, जबकि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से गुजरने वाली कई ट्रेनों को दो से तीन घंटे तक की देरी का सामना करना पड़ा।
यात्रियों का कहना था कि अचानक ट्रेनें लेट होने से उन्हें काफी परेशानी हुई। कई लोग जरूरी कामों के लिए दिल्ली जा रहे थे, लेकिन ट्रेनों के प्रभावित होने से उनकी योजनाएं बिगड़ गईं। रेलवे की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी गई और प्रभावित यात्रियों को सूचना उपलब्ध कराई गई।
दिल्ली क्षेत्र में हुए इस मालगाड़ी हादसे ने एक बार फिर रेल संचालन की चुनौतियों को सामने ला दिया है। रेलवे प्रशासन अब ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित करने और प्रभावित ट्रेनों का संचालन सामान्य करने में जुटा है।