लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर उत्तर प्रदेश में सेवा दिवस के तहत प्रदेशव्यापी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज सेवा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें रक्तदान शिविर, श्रमिकों को सहायता सामग्री वितरण और अस्पतालों में मरीजों की सेवा जैसे कार्यक्रम शामिल रहे।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान कुल 5.90 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए। इसके साथ ही रक्तदान, जरूरतमंदों की सहायता और जनसेवा से जुड़े अभियानों के माध्यम से प्रधानमंत्री के जन्मदिन को सेवा और समर्पण के रूप में मनाया गया।

354 रक्तदान शिविरों में 8,323 लोगों ने किया रक्तदान

सेवा दिवस के तहत प्रदेशभर में बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में कुल 354 स्थानों पर लोगों ने भाग लिया और 8,323 लोगों ने रक्तदान किया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना था।

अधिकारियों के अनुसार, रक्तदान जीवन बचाने वाला महत्वपूर्ण कार्य है। ऐसे अभियानों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाता है।

विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को मिली टूल किट

सेवा दिवस कार्यक्रम के तहत विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को भी सहायता प्रदान की गई। योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में 12,271 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गईं।

टूल किट मिलने से पारंपरिक काम करने वाले कारीगरों और श्रमिकों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार की इस योजना का उद्देश्य कारीगरों और छोटे उद्यमियों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

टूल किट वितरण कार्यक्रम में बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, नाई और अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को शामिल किया गया।

अस्पतालों में मरीजों को बांटे गए फल

सेवा दिवस के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों के अस्पतालों में भी सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान अस्पतालों में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए।

आंकड़ों के अनुसार, प्रदेशभर के अस्पतालों में 73,959 मरीजों को फल बांटे गए। इस पहल के जरिए मरीजों और उनके परिवारों तक सेवा और सहयोग का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।

चिकित्सा और एमएसएमई विभाग रहे नोडल

प्रदेश में आयोजित इन कार्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी मुख्य रूप से चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग को दी गई थी।

दोनों विभागों ने जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के समन्वय और व्यवस्थाओं की निगरानी की। अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सहयोग किया।

सेवा और जनभागीदारी पर रहा जोर

सेवा दिवस के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में आम लोगों, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सरकार की ओर से इन आयोजनों को जनभागीदारी और समाज सेवा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम के जरिए लोगों को एकता, सेवा और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने की कोशिश की गई। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

सरकार ने बताया जनसेवा का अभियान

सरकार की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सहायता पहुंचाना है।

रक्तदान, श्रमिकों को उपकरण उपलब्ध कराना और मरीजों की सेवा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जनकल्याण से जोड़ने का प्रयास किया गया।

प्रदेश में एक दिन में आयोजित इन विभिन्न कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। दीये जलाने से लेकर रक्तदान और सहायता वितरण तक, सेवा दिवस के आयोजन प्रदेशभर में चर्चा का विषय बने रहे।

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