लखनऊ। विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आते ही प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को तेज करने की कवायद शुरू कर दी है। चुनावी माहौल में विपक्ष की ओर से सड़क, बिजली और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाए जाने की संभावना को देखते हुए सरकार सड़क निर्माण कार्यों को गति देने में जुट गई है।

इसी क्रम में प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बड़ी वित्तीय मंजूरी दी गई है। अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की दो बैठकों में कुल 36 सड़कों के निर्माण के लिए 3095 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) अब इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी में जुट गया है। विभाग जल्द ही सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की योजना बना रहा है, ताकि काम समय पर शुरू कराया जा सके।

चुनाव से पहले सड़कों पर जोर

प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार विकास योजनाओं को तेजी से पूरा करने पर ध्यान दे रही है। सड़कें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं में शामिल हैं।

कई विधानसभा क्षेत्रों में खराब सड़कों को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आती रही हैं। विपक्ष भी सड़क निर्माण और रखरखाव को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि लंबित सड़क परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई मांग

जानकारी के अनुसार, कई क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि भी अपने-अपने इलाकों में सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों को लेकर सरकार से लगातार मांग कर रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बेहतर सड़कें न केवल आवागमन को आसान बनाती हैं, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी बेहतर करती हैं।

लोक निर्माण विभाग करेगा आगे की कार्रवाई

वित्तीय मंजूरी के बाद अब लोक निर्माण विभाग परियोजनाओं की तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर रहा है। इसके बाद निर्माण एजेंसियों के चयन के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।

विभाग की ओर से कोशिश की जा रही है कि स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो और तय समय सीमा में पूरा किया जा सके।

सड़क परियोजनाओं से मिलेगा फायदा

नई सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से कई क्षेत्रों में आवागमन आसान होने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने, यातायात व्यवस्था सुधारने और स्थानीय विकास को गति देने में इन परियोजनाओं की भूमिका अहम मानी जा रही है।

सड़क निर्माण से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं, क्योंकि निर्माण कार्यों के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों और स्थानीय संसाधनों की जरूरत होती है।

विकास कार्यों को गति देने की तैयारी

प्रदेश सरकार की ओर से चुनाव से पहले विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। सड़क निर्माण के साथ-साथ अन्य विकास परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि जिन परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।

विधानसभा चुनाव से पहले सड़क निर्माण को लेकर सरकार की सक्रियता को राजनीतिक और विकास दोनों नजरियों से देखा जा रहा है। जहां सरकार इसे विकास कार्यों को गति देने का कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इन मुद्दों को चुनावी बहस का हिस्सा बना सकता है।

फिलहाल 36 नई सड़क परियोजनाओं के लिए मिली 3095 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी के बाद अब सभी की नजर लोक निर्माण विभाग की टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य शुरू होने पर है।

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