Noida नोएडा :  साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर नोएडा के दो लोगों से करीब 29 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पहले पीड़ितों को व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा और निवेश पर मोटा फायदा होने का भरोसा दिलाया। इसके बाद धीरे-धीरे बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली। जब पीड़ितों ने अपनी रकम और कथित मुनाफा वापस लेने की कोशिश की तो आरोपियों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगे। रकम देने से इनकार करने पर ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।

दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पहला मामला: 15 लाख रुपये की ठगी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी विजय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और शेयर बाजार में निवेश करने में रुचि रखते हैं। 11 अगस्त 2025 को व्हाट्सऐप के माध्यम से उनकी बातचीत अहाना गिल और कैथरीन ब्लैक नाम की महिलाओं से हुई। दोनों ने खुद को निवेश से जुड़ा जानकार बताते हुए शेयर बाजार में पैसा लगाकर घर बैठे अच्छा मुनाफा कमाने का दावा किया।

आरोपियों ने विजय सिंह को एक व्हाट्सऐप निवेश ग्रुप में शामिल कर लिया। ग्रुप में लगातार निवेश से होने वाले कथित मुनाफे के संदेश, स्क्रीनशॉट और सफलता की कहानियां साझा की जाती थीं। शुरुआत में कम रकम निवेश कराकर लाभ दिखाया गया, जिससे पीड़ित को ठगों पर भरोसा हो गया।

इसके बाद विजय सिंह ने 12 सितंबर 2025 तक अलग-अलग किस्तों में करीब 15 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने निवेश की रकम और मुनाफा निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने टैक्स जमा करने और खाता फ्रीज होने का डर दिखाकर और पैसे की मांग की। शक होने पर उन्होंने अतिरिक्त भुगतान करने से मना कर दिया, जिसके बाद आरोपियों ने उनसे बातचीत बंद कर दी।

दूसरा मामला: रिटायर्ड कर्मचारी से 14 लाख की ठगी

दूसरे मामले में नोएडा निवासी सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी प्रदीप कुमार ने पुलिस को बताया कि 30 अप्रैल को उनकी बातचीत शिवानी और रूप बूथरा नामक व्यक्तियों से हुई। दोनों ने खुद को आनंद राठी ग्रुप का कर्मचारी बताया और शेयर बाजार में निवेश कर बेहतर रिटर्न दिलाने का दावा किया।

आरोपियों ने प्रदीप कुमार को भी एक व्हाट्सऐप निवेश ग्रुप में जोड़ा। शुरुआत में निवेश पर फायदा दिखाकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद उन्होंने 3 जून तक 14 अलग-अलग किस्तों में करीब 14 लाख रुपये ठगों के बताए बैंक खातों में जमा कर दिए।

जब प्रदीप कुमार ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने टैक्स और अन्य शुल्क जमा करने की बात कही। अतिरिक्त पैसे देने से इनकार करने के बाद ठगों ने संपर्क खत्म कर दिया।

पुलिस ने शुरू की जांच

दोनों पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि पुलिस टीम बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सऐप ग्रुप और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शेयर बाजार में निवेश के नाम पर मिलने वाले ऑनलाइन ऑफर, व्हाट्सऐप ग्रुप और अज्ञात लोगों के दावों पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच जरूर करें। किसी भी तरह के लालच में आकर अपनी बैंक संबंधी जानकारी या बड़ी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर न करें।

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