Lucknow लखनऊ: लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर मंगलवार को एयर इंडिया की दिल्ली-लखनऊ फ्लाइट को लैंडिंग से ठीक पहले गो-अराउंड करना पड़ा। विमान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी सवार थे। बताया गया कि पहली बार रनवे पर उतरने के दौरान विमान का एप्रोच अनस्टेबल हो गया था। ऐसे में पायलट ने लैंडिंग जारी रखने के बजाय विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाने का फैसला किया। कुछ देर बाद दूसरे एप्रोच में विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा दी गई।
लैंडिंग से ठीक पहले बदला गया फैसला
एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1717 मंगलवार को दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। विमान के लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने के दौरान पायलट ने लैंडिंग के लिए एप्रोच लिया, लेकिन निर्धारित मानकों के मुताबिक एप्रोच स्थिर नहीं था। ऐसी स्थिति में पायलट के सामने दो विकल्प होते हैं—असुरक्षित परिस्थितियों में लैंडिंग जारी रखना या विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाकर नए सिरे से एप्रोच करना। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने गो-अराउंड का फैसला लिया। इस दौरान विमान रनवे पर उतरने के बजाय दोबारा हवा में ऊपर गया और दूसरे एप्रोच की तैयारी की गई।
दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरा विमान
गो-अराउंड के बाद विमान ने लखनऊ एयरपोर्ट के रनवे के लिए दोबारा एप्रोच किया। इस बार AI-1717 की लैंडिंग सुरक्षित तरीके से हो गई। विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है। राहुल गांधी भी इसी फ्लाइट में दिल्ली से लखनऊ पहुंचे। पहली कोशिश में लैंडिंग नहीं होने के कारण कुछ समय के लिए स्थिति असामान्य जरूर हुई, लेकिन दूसरी कोशिश में विमान के सुरक्षित उतरने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
क्या होता है गो-अराउंड?
विमानन क्षेत्र में गो-अराउंड को सुरक्षा से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया माना जाता है। जब पायलट को लगता है कि किसी वजह से मौजूदा एप्रोच में विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतारना उचित नहीं होगा, तो वह लैंडिंग रोककर विमान को दोबारा ऊपर ले जाता है।
इसके बाद पायलट नए सिरे से लैंडिंग के लिए एप्रोच करता है। इसका उद्देश्य किसी जोखिम को बढ़ने से पहले ही रोकना और सुरक्षित परिस्थितियों में विमान को उतारना होता है। इस मामले में भी पहली कोशिश में एप्रोच अनस्टेबल होने के बाद पायलट ने इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल किया।
दोपहर 2:20 बजे दिल्ली से रवाना हुई थी फ्लाइट
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया की AI-1717 फ्लाइट दिल्ली से दोपहर करीब 2:20 बजे रवाना हुई थी। विमान के लखनऊ पहुंचने का निर्धारित समय लगभग 3:30 बजे बताया गया था। लखनऊ पहुंचने के दौरान पहली लैंडिंग कोशिश में विमान को गो-अराउंड करना पड़ा। इसके बाद दोबारा एप्रोच लिया गया और विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की।
फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार यह घटना किसी दुर्घटना से जुड़ी नहीं थी, बल्कि अनस्टेबल एप्रोच के कारण अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रिया थी।
एक दिन पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में भी आई थी तकनीकी परेशानी
इस घटना से अलग, 7 सितंबर को एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट में भी तकनीकी समस्या सामने आई थी। बोइंग 737 विमान कोच्चि से अबू धाबी जा रहा था।
करीब 36 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान के एक इंजन में ऑयल की मात्रा तेजी से कम होने की जानकारी मिली। इसके बाद पायलटों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित इंजन को बंद किया और विमान को वापस कोच्चि लाने का फैसला किया।
विमान को सुरक्षित तरीके से कोच्चि में उतारा गया। बाद में यात्रियों को दूसरे विमान से अबू धाबी भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, लखनऊ की घटना में AI-1717 ने गो-अराउंड के बाद दूसरी कोशिश में सुरक्षित लैंडिंग की और उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विमान में सवार यात्रियों तथा क्रू को कोई नुकसान नहीं हुआ।
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