Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: बांदा जिले में मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर शहर की सड़कों और प्रमुख इलाकों को दुरुस्त करने में प्रशासनिक विभाग जुटे हुए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर सड़कों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां शहर को चमकाने की कवायद तेज है, वहीं गांवों की बदहाल सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
बांदा-सतना राज्य मार्ग पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इसके चलते आए दिन बाइक सवार इन गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की खराब स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क की हालत के बारे में जानकारी दी गई, लेकिन मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया।
सबसे खराब स्थिति महुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत गिरवां क्षेत्र में देखने को मिल रही है। यहां मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर गिरवां थाने से करीब 100 मीटर पहले सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु, छात्र और वाहन चालक गुजरते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है, क्योंकि पानी भरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग का इस्तेमाल आसपास के कई गांवों के लोग करते हैं। स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से आवागमन करते हैं, जिससे अभिभावकों को उनकी सुरक्षा की चिंता रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि खराब सड़क के कारण न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और दैनिक कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि मुख्यमंत्री के दौरे जैसे विशेष अवसरों पर विभाग सक्रिय होकर शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने में जुट जाते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि गांवों की सड़कें भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग रोजाना इनका इस्तेमाल करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में खराब सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को अचानक झटका लग सकता है, जिससे नियंत्रण बिगड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में समय रहते मरम्मत करना जरूरी है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो वे अपनी समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। उनका कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
फिलहाल बांदा-सतना राज्य मार्ग की बदहाल स्थिति ने ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस समस्या का समाधान करेगा और जर्जर सड़क को ठीक कराया जाएगा।