उत्तर प्रदेश : चर्चित आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उनकी एक और पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिंकू सिंह राही ने आरोप लगाया है कि जानबूझकर फर्जी शिकायतें कराकर उनके खिलाफ षड्यंत्र किया जा रहा है और अब इस पूरे मामले का खुलासा होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की है। हालांकि वायरल हो रही पोस्ट और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आईएएस रिंकू सिंह राही ने सोमवार को सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए लिखा कि जानबूझकर फर्जी शिकायतें कराकर प्रशासन द्वारा किए जा रहे कथित षड्यंत्र का अब खुलासा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक दोषी चाहे वह खुद हों या शिकायतकर्ता, जांच कराकर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और दोषी को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार मामले को नजरअंदाज करने से घेराबंदी और मजबूत होती जा रही है।
रिंकू सिंह राही ने अपनी पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी कोई गलती है तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक गलती सामने आने पर कार्रवाई भविष्य में उसी तरह की गलती दोबारा न करने की सीख देती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
सोशल मीडिया पर पोस्ट के साथ रिंकू सिंह राही ने एक तीन पन्नों का पत्र भी साझा किया है। यह पत्र 7 अगस्त को अपर पुलिस अधीक्षक को संबोधित बताया जा रहा है। पत्र में उन्होंने अपने खिलाफ हाल के दिनों में की गई शिकायतों और उनसे जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख किया है। बताया गया है कि पत्र में सरकारी मशीनरी से जुड़े कई बिंदुओं को उठाते हुए उन्होंने पूरे मामले से पुलिस अधिकारियों को अवगत कराने का प्रयास किया था।
तीन पन्नों के इस पत्र के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। रिंकू सिंह राही ने पत्र में अपनी स्थिति और घटनाक्रम को लेकर कई बातें रखी हैं। हालांकि पत्र में किए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आईएएस अधिकारी ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इससे पहले 9 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ने की बात कही थी। उनका दावा है कि लगातार अनुरोध किए जाने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सुरक्षा बढ़ाए जाने की जरूरत नहीं है तो संबंधित अधिकारी लिखित रूप से इसकी जानकारी क्यों नहीं देते, ताकि वह जरूरत पड़ने पर न्यायालय का रुख कर सकें।
रिंकू सिंह राही ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि यदि वह अपनी सुरक्षा और मौजूदा स्थिति को स्पष्ट करने के लिए पत्र सार्वजनिक करते हैं, तो हर बार उन पर यह आरोप लगाया जाता है कि उन्होंने पत्र मीडिया में आने के लिए सार्वजनिक किए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी गंभीर घटना के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कदम उठाया जाएगा।
रिंकू सिंह राही की लगातार सोशल मीडिया पोस्ट के कारण उनका मामला एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में आ गया है। पिछले कुछ समय से वह प्रशासनिक व्यवस्था, शिकायतों और अपनी कार्यप्रणाली को लेकर अलग-अलग मौकों पर अपनी बात सोशल मीडिया के माध्यम से रखते रहे हैं। उनकी हालिया पोस्ट में जहां कथित फर्जी शिकायतों की जांच की मांग की गई है, वहीं सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रिंकू सिंह राही की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रशासन या पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और क्या पूरे मामले की कोई औपचारिक जांच होती है। यदि जांच होती है तो उसके परिणाम के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों और कथित षड्यंत्र को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।