छात्रों की गूंज कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी का हमला, बोले- युवाओं की आवाज दब नहीं सकती
प्रयागराज : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज में आयोजित होने वाले **'छात्रों की गूंज'** कार्यक्रम से पहले केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार तभी झुकती है, जब जनता और खासकर युवाओं की आवाज एकजुट होकर उठती है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की और कहा कि देश के युवाओं की लड़ाई केवल रोजगार की नहीं, बल्कि ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था की भी है। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बने हुए हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि वह प्रयागराज जा रहे हैं, जहां देशभर से हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। उन्होंने कहा कि आज हर छात्र यह महसूस कर रहा है कि व्यवस्था उसके साथ न्याय नहीं कर रही। छात्रों की मेहनत और प्रतिभा पर सवाल नहीं है, बल्कि समस्या उस व्यवस्था की है जो मेहनत का उचित परिणाम देने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में वर्षों तक देरी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई न होने से युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि जब छात्र एकजुट होकर अपनी आवाज उठाते हैं, तब सरकार को झुकना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कोटा, देहरादून और दिल्ली समेत कई शहरों में छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया। इन आंदोलनों ने यह साबित कर दिया कि यदि युवा संगठित होकर अपनी बात रखते हैं तो सरकार को फैसले बदलने पड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सवाल पूछने वाले छात्रों पर कई जगह लाठीचार्ज हुआ, लेकिन इसके बावजूद युवाओं ने अपनी आवाज बुलंद रखना नहीं छोड़ा।
कांग्रेस नेता ने छात्रों से अपील की कि वे 8 अगस्त को शाम पांच बजे प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित **'छात्रों की गूंज'** कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। उनके अनुसार यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
इस बीच राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर चल रहा प्रशासनिक विवाद भी समाप्त हो गया है। प्रयागराज प्रशासन ने कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दे दी है। इससे पहले केपी कॉलेज प्रबंधन ने मैदान की बुकिंग रद्द कर दी थी। कॉलेज की ओर से कहा गया था कि शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा न आए और अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए, इसलिए मैदान उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। इसके बाद कांग्रेस ने प्रशासनिक स्तर पर अनुमति के लिए प्रयास किए और अंततः कार्यक्रम को मंजूरी मिल गई। इसके साथ ही आयोजन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
बताया गया कि कॉलेज प्रबंधन ने पहले शहर कांग्रेस कमेटी को पत्र लिखकर बुकिंग निरस्त करने की जानकारी दी थी और जमा की गई राशि वापस लेने के लिए भी कहा था। हालांकि बाद में प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच हुई प्रक्रिया के बाद कार्यक्रम को हरी झंडी मिल गई। अब कांग्रेस ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं और बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के युवाओं को ध्यान में रखकर आयोजित किया जा रहा है। कांग्रेस लंबे समय से पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में देरी और सरकारी नौकरियों के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही है। प्रयागराज को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बड़ा केंद्र माना जाता है, इसलिए यहां आयोजित यह कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूसरी ओर भाजपा और केंद्र सरकार पहले भी कह चुकी है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक रोकने और भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। ऐसे में राहुल गांधी का यह कार्यक्रम आने वाले समय में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि प्रयागराज में आयोजित **'छात्रों की गूंज'** कार्यक्रम में राहुल गांधी युवाओं के लिए क्या नई घोषणाएं या संदेश देते हैं और इसका आगामी राजनीतिक माहौल पर क्या असर पड़ता है।