Pandeypur मानसिक चिकित्सालय में दवा दबाव और मरीजों के साथ दुर्व्यवहार पर सवाल
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: पांडेयपुर स्थित मानसिक चिकित्सालय में दलालों और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) की बढ़ती सक्रियता को लेकर मरीजों और उनके परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि अस्पताल परिसर के भीतर कुछ लोग सक्रिय होकर मरीजों को विशेष मेडिकल स्टोरों से दवाएं खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को उपचार के नाम पर बाहर के मेडिकल स्टोरों की ओर मोड़ा जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। कई मामलों में यह भी आरोप सामने आया है कि मरीजों और उनके परिजनों को विशेष दुकानों से ही दवा लेने की सलाह दी जाती है, जिससे अस्पताल की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसके अलावा ओपीडी के दौरान मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि इलाज के लिए घंटों इंतजार करने के बावजूद उचित व्यवहार नहीं किया जाता और कई बार उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल परिसर में दलालों की सक्रियता के कारण मरीजों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं। इलाज के नाम पर बाहर के मेडिकल स्टोरों से दवा खरीदने का दबाव मरीजों को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित कर रहा है।
स्थानीय लोगों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए अस्पताल प्रशासन से तत्काल जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मानसिक रूप से पहले से ही कमजोर मरीजों के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी तरह गलत है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि शिकायतों के बढ़ने के बाद माना जा रहा है कि प्रशासन आंतरिक स्तर पर स्थिति की समीक्षा कर सकता है।
मरीजों और उनके परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल परिसर में बाहरी लोगों की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए और ओपीडी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि मरीजों को सही इलाज और दवाएं उचित दर पर उपलब्ध हो सकें।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी कहा कि यदि जल्द ही इस व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के लिए मजबूर होंगे।