Pratapgarh: सपनों की स्मार्ट सिटी, पानी-पानी हुई सड़कें

Update: 2025-08-08 08:02 GMT

प्रतापगढ़: नगर पालिका बेल्हा, प्रतापगढ़ के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि नगर पालिका बोर्ड द्वारा प्रतापगढ़ नगर को स्मार्ट सिटी बनाए जाने से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जिसकी मंजूरी पिछले हफ़्ते मिल गई है ।स्मार्ट सिटी बनाए जाने संबंधी प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत यातायात को सुगम बनाए जाने हेतु सड़कों का चौड़ीकरण कर डिवाइडर बनाया जाएगा, प्रमुख स्थानों का चयन कर पार्क बनाया जाएगा और नगर के 25 वार्डों को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया जाएगा जिससे नगर को भव्य स्वरूप दिया जा सकेगा और चतुर्मुखी विकास की ओर अग्रसर होगा। वहीं नागरिकों को भी काफी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

फिलहाल, शासन से बजट आने पर ही स्मार्ट सिटी बनाए जाने का शुभारंभ होगा। यह परिकल्पना कब तक साकार होगी,यह तो वक्त बताएगा। वर्तमान में हकीकत यह है कि अगर 1 घंटे भी बारिश शहर में होती है तो नगर वासियों के लिए मुसीबत बन जाती है। अभी बुधवार की शाम 5:00 बजे से 1 घंटे बारिश हो जाने से सिनेमा रोड की सड़क पर घुटने तक पानी हो जाने से आवागमन में लोगों को काफी असुविधा हुई। यही स्थिति सब्जी मंडी, गल्ला मंडी, देवकली, शिवजीपुरम,और स्टेशन रोड जलमग्न हो गया था। मुख्य सड़कों का जब यह खस्ताहाल है तो मोहल्ले की गलियां भी पानी से लबालब हो जाती हैं और स्थिति तब भयावह हो जाती है जब लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस जाता है।कारण स्पष्ट है कि मोहल्लों की गलियों में निर्मित नालियां और मुख्य मार्गों पर बने नाले कूड़ों और मलवों से पटे पड़े हैं जिसकी सफाई समय से नहीं होने से नाली और नाले चोक हो चुके हैं जिसके परिणामस्वरुप घरों तक पानी प्रवेश कर जाता है।

यही नहीं , पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कटरा रोड पर स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय हर वर्ष बरसात के दिनों में जलमग्न हो जाता है। स्पष्ट है कि जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है जिसका दंश शहरवासियों को झेलना पड़ रहा है। बताते चलें कि 03 अगस्त को दिन भर बरसात हुई और 4 अगस्त तक अनवरत बरसात होती रही । इसी बीच हकीकत जानने के दृष्टिगत जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों देवकली, पितई का पुरवा, स्टेशन रोड, सिनेमा रोड, बाबागंज, सदर बाजार ,आजाद नगर व दहिलामऊ का निरीक्षण नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी के साथ करते हुए निर्देशित किया कि जल निकासी की सुचारू रूप से वैकल्पिक व्यवस्था करें ताकि नागरिकों को आवागमन में असुविधा न हो।

जिलाधिकारी जनसामान्य से भी रूबरू होते हुए देखे गए। शहरवासियों ने जिलाधिकारी के इस पहल को सराहनीय कदम बताया। ज्ञातव्य है कि जल निकासी हेतु पुलिया निर्माण व नालियों के निर्माण/ मरम्मत और उसकी सफाई हेतु हर वर्ष शासन से नगर पालिका को बजट आता है परंतु उस बजट का सदुपयोग समय से नहीं किया जाता है। बारिश जब शुरू होती है तो नाले नालियों की सफाई नगर पालिका द्वारा किया जाता है जबकि यह कार्य में जून के अंत तक हो जाना चाहिए ,तो इतना पानी सड़कों पर नहीं रुकता। यही हाल ट्यूबवेल का रीबोर/ मरम्मत का रहा जहां भीषण गर्मी में हर वार्ड में लगे ट्यूबवेल लगभग शोपीस बने रहे। अधिशासी अधिकारी द्वारा पांच लाइनों का प्रेस विज्ञप्ति जारी किया जाता है की पांच नग ट्यूबवेल का रीबोर/ मरम्मत कराया गया। कहां और किस मोहल्ले में कार्य हुआ? जिसका कोई उल्लेख प्रेस विज्ञप्ति में नहीं रहता है। ट्यूबवेल का यह कार्य मार्च अथवा अप्रैल तक नगरपालिका द्वारा करवा लेना चाहिए था।

बहुत जरूरत होने पर ही नगर पालिका प्रशासन जागता है यहां तक की अधिशासी अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में भी झोल रहता है। इन तमाम दुर्व्यवस्थाओं के बीच नगरपालिका ने प्रतापगढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद फ़िलहाल शुरू कर दी है। देखना यह होगा कि नगरपालिका के अधिकारी नगर का कायाकल्प कब तक कराते हैं या कहीं आधी हकीकत, आधा फ़साना तो नहीं साबित होगा, भविष्य बतायेगा।

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