लखनऊ: आर्यनगर स्थित जमीन कब्जे, तोड़फोड़ और पथराव के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पार्षद हर्षित दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया है। नाका पुलिस ने शुक्रवार देर रात हर्षित दीक्षित को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता और उनके समर्थक नाका थाने पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आसपास के थानों से अतिरिक्त बल बुलाकर हालात को नियंत्रित किया।
मामला आर्यनगर स्थित डीएवी कॉलेज परिसर में बने उपकारम् करोति दयानंद सेवा संस्थान की जमीन से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि पूर्व पार्षद हर्षित दीक्षित अपने साथियों के साथ ट्रस्ट की जमीन पर कब्जे के प्रयास में पहुंचे थे। इस दौरान परिसर में मौजूद लोगों के साथ मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ की घटना हुई थी। मामले में ट्रस्ट की अध्यक्ष मनोरमा मिश्रा और परिसर में रहने वाली टेंट हाउस संचालिका की शिकायत पर पुलिस ने 155 नामजद समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस उपायुक्त पश्चिमी कमलेश दीक्षित ने बताया कि घटना के बाद से हर्षित दीक्षित फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। शुक्रवार रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे पूरे मामले को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों और अन्य आरोपितों की भूमिका के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हर्षित दीक्षित की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता और समर्थक नाका थाने पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कार्रवाई पर सवाल उठाए। अचानक बढ़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। कैसरबाग, अमीनाबाद और अन्य थानों से पुलिस बल बुलाया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद काफी देर बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
प्रदर्शन के कारण नाका थाना और आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने अतिरिक्त जवानों की मदद से जाम की स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात व्यवस्था बहाल कराई।
इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपित अधिवक्ता अजीत कुमार समेत एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, पुलिस अब भी 18 से अधिक फरार अधिवक्ताओं की तलाश में जुटी हुई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जमीन कब्जे का यह मामला सामने आने के बाद इलाके में काफी चर्चा रही है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूर्व पार्षद हर्षित दीक्षित की गिरफ्तारी के बाद मामले में नए सिरे से कार्रवाई तेज हो गई है।