उत्तर प्रदेश

तेंदुए की मौत पर सस्पेंस, वन विभाग कर रहा जांच

Ratna Netam
1 Aug 2026 3:03 PM IST
तेंदुए की मौत पर सस्पेंस, वन विभाग कर रहा जांच
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उत्तर प्रदेश : महराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक गांव के पास खेत की पगडंडी पर एक तेंदुआ मृत अवस्था में मिला। तेंदुए का शव देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि तेंदुए की गर्दन पर दांतों के गहरे निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह किसी जंगली जानवर, संभवतः दूसरे तेंदुए के साथ हुए संघर्ष का शिकार हुआ है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

यह घटना महराजगंज के सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के निचलौल रेंज अंतर्गत ग्राम मिश्रौलिया की है। ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार तड़के गांव की कुछ महिलाएं रोज की तरह खेतों की ओर जा रही थीं। इसी दौरान गांव निवासी राजवंशी के गन्ने के खेत के पास स्थित चकरोड पर उनकी नजर एक मृत तेंदुए पर पड़ी। पहले तो महिलाएं घबरा गईं और शोर मचाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए और पूरे इलाके में घटना की चर्चा फैल गई।

ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार रात इलाके में तेंदुओं की तेज दहाड़ें लगातार सुनाई दे रही थीं। कई लोगों ने रात के समय जंगल की ओर से असामान्य आवाजें आने की भी बात कही। इसी आधार पर यह संभावना जताई जा रही है कि दो तेंदुओं के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व या किसी अन्य कारण को लेकर संघर्ष हुआ होगा, जिसमें एक तेंदुए की मौत हो गई। हालांकि, वन विभाग ने अभी इस संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही निचलौल रेंज के रेंजर सुनील राव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया, जहां पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि तेंदुए की मौत संघर्ष के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही।

रेंजर सुनील राव ने बताया कि मृत तेंदुआ पूरी तरह वयस्क नहीं था। उसकी उम्र लगभग छह महीने से एक वर्ष के बीच आंकी गई है। उन्होंने कहा कि तेंदुए की गर्दन पर दांतों के स्पष्ट निशान मिले हैं, जो किसी अन्य जंगली जानवर के हमले की ओर संकेत करते हैं। फिलहाल वन विभाग हर पहलू से मामले की जांच कर रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद मिश्रौलिया और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी तेंदुओं की आवाजाही देखी जाती रही है, लेकिन इस तरह खेत के पास मृत तेंदुआ मिलने की घटना पहली बार सामने आई है। कई लोगों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग नेपाल सीमा से सटा हुआ संवेदनशील वन क्षेत्र है, जहां तेंदुआ, हिरण, भालू और अन्य वन्यजीवों की अच्छी संख्या पाई जाती है। ऐसे क्षेत्रों में कई बार वन्यजीवों के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर संघर्ष की घटनाएं सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र के तेंदुए अक्सर बड़े तेंदुओं के हमले का शिकार भी हो जाते हैं।

फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के सही कारणों का खुलासा होगा। वहीं, ग्रामीणों से अपील की गई है कि यदि इलाके में किसी जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें और स्वयं उसके करीब जाने का प्रयास न करें।

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