मुजफ्फरनगर : कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सड़कों पर डाक कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार को मुजफ्फरनगर में डाक कांवड़ियों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने शिवचौक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई कांवड़ियों के पास से लाठी-डंडे और फरसे जब्त किए। वहीं, पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे 16 वर्षीय कांवड़िए की मौत हो गई। मृतक अपने पिता के साथ बाइक से बड़ौत लौट रहा था। हादसे के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर के शिवचौक पर डाक कांवड़ियों की बड़ी संख्या पहुंची। इनमें कुछ कांवड़िए हाथों में लाठी-डंडे और फरसे लेकर बाइक से गुजर रहे थे। पुलिस की नजर जब इन पर पड़ी तो सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उन्हें रोक लिया गया। शहर कोतवाली पुलिस ने ऐसे कांवड़ियों से लाठी-डंडे और फरसे जब्त कर लिए। पुलिस की यह कार्रवाई करीब आधे घंटे तक चली। इस दौरान दर्जनों डंडे और फरसे पुलिस ने अपने कब्जे में लिए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। डाक कांवड़िए तेज गति से बाइक और अन्य वाहनों से अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हैं। ऐसे में हाथों में लाठी, डंडे या फरसे होने से किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस ने इन्हें जब्त किया। हालांकि कार्रवाई के दौरान कुछ कांवड़िए बाइक की रफ्तार बढ़ाकर पुलिस को चकमा देते हुए आगे निकल गए।
शहर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से लाठी-डंडे और फरसे लेकर चल रहे कांवड़ियों से इन्हें जब्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि यात्रा के अंतिम चरण में कांवड़ियों की संख्या काफी बढ़ गई है, इसलिए प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। पुलिस की कोशिश है कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
इसी बीच मुजफ्फरनगर में ही पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गांव निराना के पास दूध के कंटेनर ने हरिद्वार से गंगाजल लेकर बड़ौत लौट रहे बाइक सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने 16 वर्षीय वेदांश को मृत घोषित कर दिया। उसके पिता रविंद्र को हादसे में मामूली चोटें आई हैं।
जानकारी के अनुसार बड़ौत के मलकपुर गांव निवासी रविंद्र अपने 16 वर्षीय बेटे वेदांश के साथ हरिद्वार कांवड़ लेने गए थे। सोमवार रात दोनों हरिद्वार से गंगाजल लेकर बाइक से वापस बड़ौत के लिए रवाना हुए थे। बताया गया कि दोनों सिखेड़ा की गंगनहर पुल से होते हुए मुजफ्फरनगर की ओर आ रहे थे। रात करीब दो बजे जब वे पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव निराना के पास पहुंचे, तभी सामने से तेज गति से आ रहे दूध के कंटेनर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार पिता-पुत्र सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने वेदांश को मृत घोषित कर दिया। पिता रविंद्र की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। पुलिस ने किशोर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में डाक कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पुलिस यातायात व्यवस्था के साथ-साथ कांवड़ियों की सुरक्षा पर भी नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान नियमों का पालन कराने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इस बीच सड़क हादसे ने कांवड़ यात्रा के दौरान तेज रफ्तार और यातायात सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
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