वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वाराणसी दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री 25 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र में स्थापित अरविंद मिल की नई औद्योगिक इकाई का लोकार्पण करेंगे। यह इकाई रूपापुर चौराहे के निकट खोचवां (भड़ेहरा) गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थापित की गई है। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। उनके हेलीकॉप्टर उतरने के लिए तीन हेलीपैड तैयार किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री फैक्ट्री में कार्यरत महिला कर्मचारियों से संवाद भी करेंगे।
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां और जिला प्रशासन तैयारियों में जुटे हैं। औद्योगिक इकाई के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। हेलीपैड से फैक्ट्री तक सड़क मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की विशेष तैयारी की जा रही है।
प्रधानमंत्री के लिए बनाए जा रहे तीन हेलीपैड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को देखते हुए अरविंद मिल के निकट हाईवे किनारे तीन बड़े हेलीपैड तैयार किए जा रहे हैं। यहां से प्रधानमंत्री सड़क मार्ग के जरिए फैक्ट्री परिसर तक पहुंचेंगे।
हेलीपैड से फैक्ट्री तक की दूरी लगभग 500 मीटर बताई जा रही है। इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बैरिकेडिंग सहित अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर के लिए खोचवां गांव स्थित जनता इंटर कॉलेज के मैदान में अलग हेलीपैड तैयार किया जा रहा है। इस मैदान का इस्तेमाल पहले भी मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) ने भी औद्योगिक इकाई और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया है।
फैक्ट्री में महिला कर्मचारियों से करेंगे संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई इकाई का लोकार्पण करने के साथ यहां कार्यरत महिला कर्मचारियों से बातचीत करेंगे। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस समय लगभग 300 महिलाओं को औद्योगिक इकाई में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें कपड़ा उत्पादन और इससे संबंधित कार्यों के लिए तैयार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री महिलाओं से उनके प्रशिक्षण, रोजगार और कार्य अनुभव के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
नई इकाई के संचालन से वाराणसी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सात एकड़ से अधिक भूमि पर स्थापित हुई नई इकाई
अरविंद मिल की यह नई इकाई वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र में रूपापुर चौराहे के पास खोचवां (भड़ेहरा) गांव में स्थापित की गई है।
फैक्ट्री राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे सात एकड़ से अधिक भूमि पर विकसित की गई है। परियोजना के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित बताया गया है।
हालांकि, कुछ रिपोर्टों में परियोजना की लागत लगभग 150 करोड़ रुपये भी बताई गई है। इसलिए निवेश की अंतिम राशि को लेकर कंपनी या संबंधित विभाग के आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि आवश्यक है।
इस इकाई से एक हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है।
स्पोर्ट्स वियर और अंडरगारमेंट का होगा उत्पादन
अरविंद मिल की नई इकाई में मुख्य रूप से स्पोर्ट्स वियर और अंडरगारमेंट का उत्पादन किया जाएगा।
इससे वाराणसी को वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की संभावना है। औद्योगिक इकाई में कपड़ों के निर्माण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के संचालन की योजना है।
कंपनी भविष्य में निवेश के दूसरे चरण को भी आगे बढ़ा सकती है। इससे उत्पादन क्षमता और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
अरविंद लिमिटेड देश के प्रमुख वस्त्र उद्योग समूहों में शामिल है। कंपनी कपड़ा निर्माण और परिधान क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर चुके हैं निरीक्षण
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 अक्टूबर को वाराणसी पहुंचकर अरविंद मिल की नई इकाई का निरीक्षण किया था।
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर खोचवां गांव स्थित जनता इंटर कॉलेज के मैदान में उतरा था। इसके बाद उन्होंने लगभग एक किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से तय कर फैक्ट्री परिसर का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कंपनी के अधिकारियों से निर्माण कार्य और लोकार्पण की तैयारियों की जानकारी ली।
उन्होंने फैक्ट्री में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला कर्मचारियों से भी बातचीत की और उनके अनुभव जाने।
इस दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित थे।
सुरक्षा एजेंसियों ने संभाली कमान
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। अरविंद मिल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
एसपीजी ने फैक्ट्री परिसर और हेलीपैड के बीच सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है। कार्यक्रम स्थल के आसपास आने-जाने वाले रास्तों को व्यवस्थित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर गांव की सड़कों तक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से नालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की रंगाई-पुताई तथा सफाई संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि प्रधानमंत्री के आगमन और प्रस्थान के दौरान यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
2024 में हुआ था फैक्ट्री का भूमिपूजन
अरविंद मिल की नई इकाई का भूमिपूजन 25 अप्रैल 2024 को किया गया था। इसके बाद परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया।
अब लगभग ढाई साल बाद यह औद्योगिक इकाई लोकार्पण के लिए तैयार है।
औद्योगिक परियोजना को वाराणसी और पूर्वांचल के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में यह परियोजना उपयोगी हो सकती है।
स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों का विस्तार होने से रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन करने वाले युवाओं को स्थानीय विकल्प मिल सकते हैं।
अरविंद मिल की नई इकाई में एक हजार से अधिक रोजगार उपलब्ध होने की उम्मीद है। इनमें उत्पादन, गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और अन्य संबंधित कार्यों के अवसर शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा परिवहन, माल आपूर्ति और स्थानीय सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
हालांकि, रोजगार की वास्तविक संख्या और स्थानीय नियुक्तियों का विवरण इकाई का संचालन शुरू होने के बाद स्पष्ट होगा।
25 अक्टूबर को सुबह 11 बजे पहुंच सकते हैं पीएम मोदी
अरविंद मिल के चीफ मैनेजर अनुज शर्मा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 अक्टूबर को सुबह लगभग 11 बजे फैक्ट्री पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री करीब 30 मिनट तक कार्यक्रम स्थल पर रह सकते हैं। इसके बाद उनका पुलिस लाइन जाने का कार्यक्रम बताया गया है।
प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारियों को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों ने समन्वय बढ़ा दिया है।
फिलहाल 25 अक्टूबर को प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। प्रधानमंत्री के दौरे का अंतिम कार्यक्रम और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं आधिकारिक निर्देशों के अनुसार निर्धारित होंगी।