रक्षाबंधन पर CM योगी को बच्चियों ने बांधी राखी, ऑटोग्राफ लेकर पाईं चॉकलेट और तोहफे
लखनऊ: रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर उत्सव का माहौल देखने को मिला। लखनऊ में बच्चियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राखी बांधी, वहीं प्रदेश की जेलों के बाहर भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों की लंबी कतारें लगीं। काशी में बाबा विश्वनाथ और अयोध्या में भगवान श्रीराम को भी रक्षा सूत्र अर्पित किया गया।
CM योगी से बच्चियों ने पूछा सोशल मीडिया से जुड़ा सवाल
लखनऊ में रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कई बच्चियों ने राखी बांधी। इस दौरान बच्चियों ने मुख्यमंत्री से बातचीत की और उनका ऑटोग्राफ भी लिया। राखी बंधवाने के बाद मुख्यमंत्री ने बच्चियों को चॉकलेट, शगुन के लिफाफे और उपहार के तौर पर बैग दिए।
सीएम आवास पहुंची संस्कृति स्कूल की छात्रा श्रेयसी सिंह ने मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के दौर में खुद को पढ़ाई और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रखने को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में योगी आदित्यनाथ ने मोबाइल फोन के सीमित इस्तेमाल की बात कही।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को सलाह दी कि मोबाइल पर अनावश्यक समय बिताने के बजाय किताबें पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह खुद भी मोबाइल का इस्तेमाल बहुत कम करते हैं और जरूरत पड़ने पर ही इसे देखते हैं।
जेलों के बाहर बहनों की लंबी कतारें
रक्षाबंधन के दिन लखनऊ, मथुरा, अयोध्या समेत उत्तर प्रदेश की अलग-अलग जेलों के बाहर बहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। महिलाएं जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए सुबह से ही पहुंचने लगी थीं। लखनऊ जेल प्रशासन ने बहनों की सुविधा के लिए कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था की। वहीं कई अन्य जेलों में भीड़ को देखते हुए प्रवेश और मुलाकात के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
देवरिया जिला कारागार में देवरिया और कुशीनगर के बंदियों से राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। सुबह 10 बजे तक 289 लोगों ने मुलाकाती पर्चियां जमा कर दी थीं। जेल परिसर में टेंट और बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था भी की गई।
गोंडा मंडलीय कारागार में 500 से अधिक बहनें अपने बंदी भाइयों से मिलने पहुंचीं। यहां सामान्य मुलाकातें रोककर रक्षाबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। बहनों ने भाइयों को राखी बांधी, तिलक लगाया और मिठाई खिलाई। लंबे समय बाद भाई-बहनों की मुलाकात का भावुक माहौल भी देखने को मिला।
बस और रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़
रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार यात्रा करते नजर आए। इसके चलते रोडवेज बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ दिखाई दी। गोंडा में बसों में यात्रियों की भीड़ काफी ज्यादा रही। वहीं हरदोई में बसों में सीट पाने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भीड़ इतनी अधिक थी कि कुछ लोग बच्चों को बस की खिड़की के रास्ते अंदर बैठाते नजर आए।
बिजनौर बस स्टैंड पर भी यात्रियों को बस के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कई लोग एक घंटे से ज्यादा समय तक बस का इंतजार करते रहे। बस आते ही सीट पाने के लिए यात्रियों में होड़ मच गई और थोड़ी ही देर में बसें भर गईं। मेरठ के भैंसाली बस डिपो पर भी यात्रियों की संख्या काफी बढ़ गई। महिलाओं को बसों में सीट दिलाने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
काशी में बाबा विश्वनाथ को बांधी गई फूलों की राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर वाराणसी में बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया। मंगला आरती के बाद भगवान विश्वनाथ को फूलों से बनी राखी यानी रक्षा सूत्र अर्पित किया गया। बाबा के दर्शन और उन्हें राखी चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी पहुंचे। मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतार दिखाई दी। कई श्रद्धालुओं ने पूर्णिमा के अवसर पर बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक भी किया।
शाम के समय बाबा विश्वनाथ के सपरिवार झूले पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देने की भी परंपरा रही।
अयोध्या में भगवान श्रीराम को बांधी राखी
अयोध्या में भी रक्षाबंधन के मौके पर धार्मिक आयोजन हुए। श्रीरामवल्लभा कुंज में भगवान श्रीराम को चांदी के भव्य झूले पर विराजमान कराया गया और पुजारी हरिश्चंद्र दास ने उन्हें राखी बांधी।
इससे पहले भगवान श्री सीताराम का अभिषेक और विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को मुकुट, हार और रत्न जड़ित आभूषणों से सजाया गया। मथुरा में भी भक्त भगवान बांके बिहारी और कान्हा जी के लिए राखी लेकर पहुंचे। बरेली से आई सोनल अग्रवाल ने बताया कि वह विशेष रूप से कान्हा जी के लिए राखी लेकर आई हैं और उनसे परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना की।
इस तरह रक्षाबंधन पर पूरे उत्तर प्रदेश में धार्मिक आस्था, पारिवारिक भावनाओं और त्योहार की रौनक एक साथ देखने को मिली। एक ओर मंदिरों में भगवान को रक्षा सूत्र अर्पित किया गया, तो दूसरी ओर जेलों में बंद भाइयों से मिलने के लिए बहनें पहुंचीं। वहीं सड़कों और सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की भारी भीड़ ने त्योहार के दौरान बढ़ी आवाजाही को भी दिखाया।