बुलंदशहर : रक्षाबंधन जैसे खुशियों भरे त्योहार के दिन सड़क हादसों ने कई परिवारों में मातम फैला दिया। उत्तर प्रदेश में कुछ ही घंटों के अंतराल में रोडवेज बसों से जुड़े दो बड़े हादसे सामने आए, जिनमें चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। त्योहार पर अपने घरों की ओर जा रहे लोगों की खुशियां अचानक चीख-पुकार में बदल गईं। हादसों के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।
पहला हादसा सुबह के समय हुआ, जब यात्रियों से भरी रोडवेज बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें कई लोग रक्षाबंधन मनाने के लिए अपने घर लौट रहे थे। अचानक हुए हादसे के बाद बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को बस से बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हादसे में कुछ यात्रियों की हालत बेहद गंभीर बताई गई। डॉक्टरों ने जांच के बाद कई लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर भी किया। वहीं, मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
दूसरा हादसा भी कुछ घंटों बाद सामने आया। इस दुर्घटना ने एक बार फिर लोगों को झकझोर दिया। रोडवेज बस और अन्य वाहन के बीच हुई टक्कर में कई यात्री घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने राहत कार्य शुरू कराया और यातायात व्यवस्था को संभाला।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों हादसों के पीछे तेज रफ्तार, लापरवाही या सड़क की स्थिति जैसे कारण हो सकते हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी हादसों की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटनाएं किन परिस्थितियों में हुईं।
रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में लोग बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से यात्रा करते हैं। त्योहार के दौरान सड़कों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
हादसों के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। जिन घरों में सुबह राखी बांधने और त्योहार मनाने की तैयारियां चल रही थीं, वहां अचानक दुख का माहौल छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई परिवारों के लिए रक्षाबंधन का दिन जिंदगी भर का दर्द बन गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि त्योहार के दिनों में सड़कों पर भीड़ बढ़ जाती है और कई बार चालक जल्दबाजी में वाहन चलाते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस और प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। अधिकारियों ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही हादसों की जांच कर जिम्मेदार कारणों का पता लगाने की बात कही है।
इन दोनों दुर्घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। त्योहारों के समय जब लोग अपनों से मिलने और खुशियां बांटने के लिए निकलते हैं, तब ऐसी घटनाएं पूरे समाज को झकझोर देती हैं। जरूरत है कि वाहन चालक सावधानी बरतें, प्रशासन निगरानी बढ़ाए और सड़क सुरक्षा के नियमों को गंभीरता से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों में लोगों की जान न जाए।
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