'No helmet-no petrol' विवाद: युवती ने पेट्रोल पंप कर्मचारी से की मारपीट
UP उत्तर प्रदेश: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर में ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ अभियान के तहत एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के आजाद चौक स्थित इंडियन ऑयल के जेके फ्यूल स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर करीब 12:22 बजे यह घटना हुई। सूत्रों के अनुसार, एक युवती बिना हेलमेट स्कूटी से पेट्रोल भराने पहुंची। पेट्रोल पंप पर तैनात नीशू राजभर ने नियम का हवाला देते हुए पेट्रोल देने से मना किया। इस पर युवती नाराज हो गई और उसने कहा कि वह यहीं से पेट्रोल ले जाएगी। विवाद बढ़ने पर युवती ने अपनी स्कूटी किनारे खड़ी की और दोबारा कर्मचारी के पास जाकर उस पर हमला कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। यह झगड़ा लगभग 1 मिनट 44 सेकंड तक चलता रहा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
घटना स्थल पर कई तमाशबीनों की भीड़ भी जुट गई, जिनमें से कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती पेट्रोल न मिलने पर गुस्से में है और पेट्रोल पंप कर्मचारी को मारते हुए नज़र आ रही है। स्थानीय पुलिस ने बताया कि मामला रामगढ़ताल थाना क्षेत्र का है। ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ अभियान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और हेलमेट न पहनने वाले वाहन चालकों को चेतावनी देना है। अधिकारियों ने कहा कि नियमों के पालन के लिए पेट्रोल पंप कर्मचारियों को यह अधिकार है कि बिना हेलमेट वाहन चालकों को पेट्रोल न दें। पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि युवती और पंप कर्मचारी के बीच हुई मारपीट की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
इस घटना ने गोरखपुर में हेलमेट नियम और सड़क सुरक्षा पर बहस को फिर से ताजा कर दिया है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह नियमों का पालन करें और इस तरह के विवादों से बचें। घटना की सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने आम जनता के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। लोग हेलमेट पहनने और सड़क सुरक्षा के महत्व पर चर्चा कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है, न कि किसी को परेशान करना। इस मामले से यह भी स्पष्ट हुआ कि नियमों के पालन में किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए और कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर किसी कर्मचारी के साथ मारपीट न करे।