सीतापुर। दालमंडी बाजार में दुकान पर कब्जे को लेकर चल रही पुरानी रंजिश शनिवार को खूनी संघर्ष में बदल गई। शहर कोतवाली क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया गया। इसमें 58 वर्षीय रामकृष्ण उर्फ बबलू राठौर की मौत हो गई, जबकि उनके 35 वर्षीय बेटे अभिषेक उर्फ छोटू को गंभीर चोटें आई हैं। अभिषेक को बेहतर उपचार के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। मृतक के परिवार ने रिश्तेदारों पर हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना के पीछे दुकान पर कब्जे को लेकर चली आ रही रंजिश बताई गई है। इसी विवाद में शनिवार को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों का इस्तेमाल हुआ। हमले की चपेट में रामकृष्ण और उनका बेटा अभिषेक आ गए। पिता की जान चली गई और बेटे की हालत गंभीर होने के कारण उसे लखनऊ भेजना पड़ा। एक ही घटना में परिवार ने अपना सदस्य खो दिया, जबकि दूसरे सदस्य का उपचार जारी है।
परिवार का आरोप है कि हमले में रामकृष्ण के ताऊ के परिवार के लोग शामिल थे। इस आरोप के साथ दुकान को लेकर पुरानी रंजिश का मामला सामने आया है। रिश्तेदारों के बीच चल रहे विवाद में शनिवार को हिंसक टकराव होने की जानकारी मिली है। हालांकि हमले में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी, यह जांच का विषय है। पुलिस परिजनों के आरोपों और घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। आरोपित पक्ष की प्रतिक्रिया उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
रामकृष्ण उर्फ बबलू राठौर की उम्र 58 वर्ष थी। हमले में उनकी मौत होने के बाद मामला हत्या के आरोप तक पहुंच गया है। परिजनों ने अपने रिश्तेदारों को इसके लिए जिम्मेदार बताया है। दुकान से जुड़ा विवाद पहले से चल रहा था और शनिवार को इसी रंजिश में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष हुआ। घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के दालमंडी बाजार की है। फिलहाल पुलिस के सामने हमले का पूरा घटनाक्रम और उसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है।
हमले में गंभीर रूप से घायल अभिषेक उर्फ छोटू की उम्र 35 वर्ष है। वह मृतक रामकृष्ण के बेटे हैं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। पिता की मृत्यु के बीच बेटे की गंभीर चोटों ने परिवार की मुश्किल और बढ़ा दी है। अभिषेक के उपचार के बारे में अभी इतनी ही जानकारी सामने आई है कि उन्हें लखनऊ भेजा गया है। उनकी वर्तमान स्थिति अथवा चिकित्सकीय जांच के निष्कर्षों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
दुकान पर कब्जे का विवाद इस घटना की मुख्य पृष्ठभूमि है। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर पुरानी रंजिश चल रही थी। शनिवार को विवाद के दौरान हुई हिंसा में लाठी-डंडों के साथ धारदार हथियारों से हमला किए जाने की बात सामने आई है। किस पक्ष ने पहले हमला किया और संघर्ष की शुरुआत किस तरह हुई, इसका विस्तृत घटनाक्रम अभी स्पष्ट नहीं है। परिवार के आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।
इस घटना में पिता और बेटे, दोनों को निशाना बनाए जाने का आरोप सामने आया है। रामकृष्ण की मौत हो चुकी है और अभिषेक गंभीर रूप से घायल हैं। परिजनों ने हमला करने वालों के रूप में रिश्तेदारों का नाम लिया है। इसलिए जांच में दुकान के विवाद के साथ पारिवारिक संबंधों की पृष्ठभूमि भी प्रासंगिक है। हालांकि केवल रिश्तेदारी और पुरानी रंजिश के आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका तय नहीं की जा सकती। घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
दालमंडी बाजार में हुए संघर्ष ने दुकान के कब्जे को लेकर चल रहे विवाद को गंभीर आपराधिक घटना में बदल दिया है। पहले से चली आ रही रंजिश के बीच शनिवार को हथियारों का इस्तेमाल हुआ और एक व्यक्ति की जान चली गई। दूसरे घायल को स्थानीय स्तर से बेहतर उपचार के लिए लखनऊ रेफर करना पड़ा। घटना की गंभीरता पिता की मौत और बेटे की हालत से स्पष्ट है। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है; गिरफ्तारी अथवा अन्य कार्रवाई का विवरण सामने नहीं आया है।
परिवार के लिए फिलहाल दोहरी कठिनाई है। रामकृष्ण की मृत्यु के बाद वे रिश्तेदारों पर हमले का आरोप लगा रहे हैं, वहीं अभिषेक के उपचार को लेकर भी चिंता बनी हुई है। घटना के संबंध में परिवार की ओर से लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं। दुकान को लेकर विवाद कितने समय से था और उसके समाधान के लिए पहले क्या प्रयास हुए थे, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। उपलब्ध तथ्यों के अनुसार, शनिवार के संघर्ष में रामकृष्ण की मौत हुई और उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हुआ।
शहर कोतवाली क्षेत्र की इस घटना में पुलिस दुकान के विवाद, पुरानी रंजिश और हमले के आरोपों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही संघर्ष में शामिल व्यक्तियों और उनकी भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। फिलहाल मृतक के परिवार ने ताऊ के परिवार पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि घायल अभिषेक को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है।