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साहिबाबाद। लाजपत नगर रामलीला मैदान के सामुदायिक भवन में रावण का पुतला तैयार करते समय हुए ब्लास्ट में घायल एक और कारीगर की मौत हो गई। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान शनिवार शाम उसने दम तोड़ दिया। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। घायल ठेकेदार और उसके बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।
दशहरे के लिए पुतले बनाने के दौरान सोमवार सुबह करीब सवा नौ बजे सामुदायिक भवन में अचानक धमाका हुआ था। भवन में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार किए जा रहे थे। इन पुतलों में लगाने के लिए विस्फोटक सामग्री भी लाई गई थी। इसी दौरान हुए ब्लास्ट में ठेकेदार, उसका बेटा और कारीगर घायल हुए थे। शनिवार शाम एक और घायल की मौत के बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
साहिबाबाद थाना क्षेत्र के लाजपत नगर रामलीला मैदान में रामलीला के मंचन और दशहरे पर पुतला दहन की तैयारी चल रही थी। आयोजन के लिए आवश्यक पुतले मैदान के सामुदायिक भवन में बनाए जा रहे थे। कारीगर रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार करने में जुटे थे। त्योहार की तैयारी के बीच हुए विस्फोट ने इस काम में लगे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में घायल हुए लोगों में से तीन की अब मौत हो चुकी है।
शनिवार शाम जान गंवाने वाले कारीगर का उपचार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा था। हादसे के बाद से उसे चिकित्सकीय देखभाल में रखा गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। ठेकेदार और उसके बेटे की मौत के बाद इस कारीगर की मृत्यु हादसे में तीसरी जनहानि है। फिलहाल दो घायलों का उपचार जारी है। उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
घटनाक्रम के अनुसार, सोमवार सुबह सामुदायिक भवन में पुतले बनाने का काम चल रहा था। करीब सवा नौ बजे अचानक धमाका हुआ। जिस स्थान पर कारीगर दशहरे के लिए पुतलों को आकार दे रहे थे, वहीं विस्फोट होने से वे घायल हो गए। पुतलों में इस्तेमाल के लिए लाई गई विस्फोटक सामग्री का उल्लेख सामने आया है, हालांकि धमाका किस वजह से हुआ, इसका स्पष्ट कारण उपलब्ध विवरण में नहीं बताया गया है।
इस हादसे में ठेकेदार और उसके बेटे की पहले हुई मौत के बाद अन्य घायलों का उपचार चल रहा था। शनिवार शाम सफदरजंग अस्पताल से एक और कारीगर की मृत्यु की जानकारी सामने आई। इस तरह सोमवार को हुए धमाके के बाद उपचार के दौरान भी मृतकों की संख्या बढ़ी है। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुतला निर्माण से जुड़े तीन लोगों की जान जा चुकी है और दो लोग अभी अस्पताल में हैं।
लाजपत नगर रामलीला मैदान में दशहरे पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन होना था। इससे पहले रामलीला का मंचन भी प्रस्तावित था। इसी आयोजन को लेकर सामुदायिक भवन में पुतले बनाने की व्यवस्था की गई थी। पुतलों को तैयार करने और उनमें लगाने के लिए सामग्री जुटाने का काम चल रहा था। उत्सव की तैयारियों के बीच हुआ यह हादसा अब लगातार बढ़ती जनहानि के कारण दुखद घटनाक्रम बन गया है।
पुतला निर्माण के दौरान विस्फोटक सामग्री मौजूद होने की बात घटना के विवरण में है। हालांकि सामग्री की मात्रा, उसके प्रकार और धमाके से ठीक पहले की परिस्थितियों की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए किसी खास वजह को विस्फोट का कारण बताना उचित नहीं होगा। अभी स्पष्ट तथ्य यही हैं कि सामुदायिक भवन में पुतले तैयार हो रहे थे, वहां सोमवार सुबह धमाका हुआ और उसमें घायल तीन लोगों की अब तक मौत हो चुकी है।
घटना में पिता-पुत्र के बाद एक और कारीगर की जान जाने से हादसे का दुख और बढ़ गया है। पुतला निर्माण में लगे लोगों के लिए यह काम दशहरे की तैयारियों का हिस्सा था। अब उन्हीं तैयारियों के दौरान घायल हुए दो लोगों का उपचार जारी है। परिवारों के लिए अपनों का अस्पताल में भर्ती होना और तीन लोगों की मृत्यु की सूचना बेहद कठिन परिस्थिति है। फिलहाल शेष घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी अहम बनी हुई है।
सोमवार सुबह शुरू हुआ यह दुखद घटनाक्रम शनिवार शाम तीसरी मौत के साथ और गंभीर हो गया। दशहरे के लिए तैयार किए जा रहे पुतलों के बीच हुए ब्लास्ट ने ठेकेदार, उसके बेटे और एक कारीगर की जान ले ली। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के बावजूद तीसरे घायल को बचाया नहीं जा सका। हादसे में घायल दो अन्य लोगों का इलाज अभी जारी है। विस्फोट के कारण और अन्य परिस्थितियों का पूरा विवरण सामने आना बाकी है।
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