नोएडा में फिर उजागर हुई लापरवाही, नाले में गिरने से बुजुर्ग की मौत

नोएडा के मामूरा में हादसे से हड़कंप

Update: 2026-07-30 02:28 GMT

Noida : उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-66 स्थित मामूरा क्षेत्र में सड़क किनारे खुले नाले में गिरने से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने क्षेत्र में खराब बुनियादी सुविधाओं तथा प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि खुले नाले और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुजुर्ग सड़क किनारे से गुजर रहे थे, तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नाले में गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया और घटना की सूचना पुलिस तथा आपातकालीन सेवाओं को दी। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश
हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क किनारे बने नालों पर पर्याप्त सुरक्षा बैरिकेड, रेलिंग या ढक्कन नहीं लगाए गए हैं। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में नाले पानी से भर जाते हैं, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि खुले नालों को जल्द से जल्द ढका जाए और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या मौके पर सुरक्षा संबंधी कोई कमी थी।
प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामूरा और आसपास के इलाकों में खुले नालों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। नागरिकों का आरोप है कि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते तो इस बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में खुले नालों को ढकना, चेतावनी संकेत लगाना और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना स्थानीय निकायों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
बरसात के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
मानसून के दौरान नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़क पर जलभराव होने से दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी करने और जोखिम वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।

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