लखनऊ: राजधानी के वजीरगंज इलाके में स्थित एसए अपार्टमेंट की सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA ने इमारत के अवैध हिस्सों को ध्वस्त करने का निर्णय लिया है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब अपार्टमेंट के एक पिलर में गंभीर दरार और संरचनात्मक कमजोरी पाई गई, जिसके बाद वहां रहने वाले करीब 25 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा।
एलडीए के रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2009 में इस भवन के लिए स्टिल्ट प्लस तीन मंजिल तक का
नक्शा स्वीकृत
किया गया था, लेकिन बाद में इसे छह मंजिल तक बढ़ा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण नियमों के अनुरूप नहीं था। छठी मंजिल यानी टेरेस पर भी कमरे बनाकर बेचे जाने की बात सामने आई है। मामला तब गंभीर हुआ जब इमारत का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया और पूरी बिल्डिंग की संरचनात्मक मजबूती पर सवाल खड़े हो गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और सभी परिवारों को बाहर निकाला गया। इसके बाद भवन को सील कर दिया गया ताकि किसी भी व्यक्ति की जान को खतरा न हो।
फिलहाल इमारत को अस्थायी रूप से स्थिर रखने के लिए भारी जैक लगाए गए हैं और अतिरिक्त ईंट के पिलर तैयार किए जा रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि भवन अचानक न गिरे, क्योंकि आसपास भी आवासीय इमारतें मौजूद हैं। तकनीकी टीम संरचना की मजबूती का आकलन कर रही है। एलडीए अधिकारियों का कहना है कि पहले अवैध हिस्सों को गिराया जाएगा। पूरी इमारत को ध्वस्त किया जाएगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला तकनीकी रिपोर्ट और जिला प्रशासन से विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा। ऐसे में फिलहाल यह कहना ज्यादा सटीक है कि छह मंजिला पूरी इमारत के बजाय सबसे पहले अनधिकृत निर्माण पर कार्रवाई तय है।
मामले में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2020 में छठी मंजिल पर कथित अवैध निर्माण को लेकर भवन मालिक को नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी और बाद में वहां कमरे बनाए जाने की जानकारी सामने आई। अब संरचनात्मक संकट के बाद पुराने रिकॉर्ड भी दोबारा खंगाले जा रहे हैं।
घटना के बाद भवन के चारों ओर पुलिस की तैनाती की गई है और बिना अनुमति किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा। अपार्टमेंट में रहने वाले परिवार फिलहाल अपने रिश्तेदारों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर रह रहे हैं। प्रशासन इस बात पर भी विचार कर रहा है कि भवन को पर्याप्त सहारा देने के बाद निवासियों को कुछ समय के लिए अंदर जाकर जरूरी सामान निकालने की अनुमति दी जा सकती है। एसए अपार्टमेंट का मामला लखनऊ में अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्वीकृत नक्शे से अधिक मंजिलों का निर्माण और समय रहते कार्रवाई न होना अब जांच और प्रशासनिक समीक्षा के केंद्र में है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि भवन के कितने हिस्से को सुरक्षित रखा जा सकता है और कितना हिस्सा ध्वस्त करना जरूरी होगा।
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