11 महीने ड्यूटी से गायब फिर भी मिलती रही तनख्वाह महिला सिपाही पर एक्शन
बिना ड्यूटी 11 महीने तक लेती रही सैलरी
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक महिला सिपाही के करीब 11 महीने तक ड्यूटी पर उपस्थित हुए बिना वेतन लेने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच के बाद महिला सिपाही को निलंबित कर दिया गया है और पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी चर्चा तेज हो गई। आरोप है कि महिला सिपाही लंबे समय से नियमित रूप से ड्यूटी नहीं कर रही थी, इसके बावजूद उसके खाते में वेतन पहुंचता रहा। करीब 11 महीने तक यह स्थिति कैसे बनी रही और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिली, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पूरे मामले की शिकायत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से की गई थी। शिकायत में महिला सिपाही की अनुपस्थिति और इसके बावजूद वेतन जारी होने का मुद्दा उठाया गया। मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचने के बाद रिकॉर्ड की जांच कराई गई। उपस्थिति, ड्यूटी और वेतन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला गया, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
महिला सिपाही को निलंबित किए जाने के बाद अब विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वह कब से ड्यूटी से अनुपस्थित थी, इस दौरान उसकी अनुपस्थिति किस रूप में दर्ज की गई और वेतन भुगतान लगातार कैसे होता रहा। इसके साथ ही संबंधित शाखाओं और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। पुलिस विभाग में कर्मचारियों की उपस्थिति, छुट्टी और वेतन से जुड़ी निर्धारित प्रक्रिया होती है। लंबे समय तक किसी कर्मचारी के अनुपस्थित रहने की स्थिति में इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचनी चाहिए। ऐसे में करीब 11 महीने तक मामला पकड़ में नहीं आने के आरोप ने निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब जांच में महिला सिपाही की सेवा पुस्तिका, उपस्थिति रिकॉर्ड, छुट्टी संबंधी आवेदन और वेतन भुगतान का विवरण देखा जा सकता है। यदि जांच में बिना वैध अनुमति के अनुपस्थिति और गलत तरीके से वेतन प्राप्त करने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। भुगतान की गई रकम की वसूली का सवाल भी जांच के निष्कर्ष के बाद सामने आ सकता है।
सोशल मीडिया पर शिकायत के बाद हुई कार्रवाई ने एक बार फिर दिखाया है कि ऑनलाइन माध्यम से सामने आने वाली शिकायतों को भी अधिकारी गंभीरता से ले रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप अपने आप में अंतिम प्रमाण नहीं होते और उनकी पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड तथा जांच के आधार पर की जाती है। फिलहाल महिला सिपाही को निलंबित कर विभागीय जांच आगे बढ़ाई गई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगभग 11 महीने तक कथित अनुपस्थिति के बावजूद वेतन जारी रहने के लिए कौन-कौन जिम्मेदार था और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।