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बांसवाड़ा में मतांतरण के आरोप
बांसवाड़ा: राजस्थान के आदिवासी बहुल बांसवाड़ा जिले में युवा महोत्सव के नाम पर कथित तौर पर लोगों को प्रलोभन देकर और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश का मामला सामने आया है। सल्लोपाट थाना क्षेत्र के शिवपुरा गांव में आयोजित कार्यक्रम को लेकर एक युवक की शिकायत पर पुलिस ने 16 नामजद लोगों सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक मामले में बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आरोपों की जांच जारी है।
मामला 22 सितंबर को शिवपुरा गांव में आयोजित कथित 'यूथ फेस्टिवल' से जुड़ा है। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार कार्यक्रम में करीब 100 से 150 लोग मौजूद थे। माकड़ीचोर गांव निवासी आदित्य डिंडोर ने सल्लोपाट थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था और इसके बदले आर्थिक तथा अन्य सुविधाओं का प्रलोभन दिया जा रहा था।
शिकायतकर्ता का दावा है कि उसकी पहचान कुछ समय पहले आशीष डामोर नाम के व्यक्ति से हुई थी। आरोप है कि उसे 22 सितंबर को शिवपुरा में बलवंत बारिया के घर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया। वहां पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। शिकायत में दावा किया गया कि धार्मिक ग्रंथ देकर स्वागत किया गया और धार्मिक रीति से पानी पिलाने तथा स्नान कराने जैसी गतिविधियां की जा रही थीं। शिकायतकर्ता ने इसे कथित धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया बताया है। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
एफआईआर में आर्थिक प्रलोभन से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि धर्म परिवर्तन करने पर उसे एक लाख रुपये की एकमुश्त राशि और इसके बाद हर महीने 25 हजार रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया। इसके अलावा सिविल सेवा में चयन कराने, वाहन उपलब्ध कराने और दूसरी सुविधाएं देने का कथित प्रलोभन भी दिया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि उसे कथित तौर पर पादरी बनाने की बात कही गई थी। आरोप है कि प्रस्ताव स्वीकार नहीं करने पर उस पर दबाव बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। शिकायत में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप भी लगाया गया है। फिलहाल ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं और पुलिस इनकी सत्यता की जांच कर रही है।
सल्लोपाट थाना प्रभारी जयेश पाटीदार के अनुसार शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। रिपोर्ट में 16 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने के साथ उनसे पूछताछ कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। पुलिस ने राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर में आवासीय परिसर से कथित तौर पर धार्मिक गतिविधियां संचालित किए जाने और एक बड़े समूह की भूमिका होने का आरोप भी शामिल है।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस मौके पर पहुंची और वहां मौजूद 150 से अधिक लोगों को हटाया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार्यक्रम किसने आयोजित किया था, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और शिकायत में लगाए गए आर्थिक प्रलोभन तथा दबाव के आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य उपलब्ध हैं। मामले में यह अंतर स्पष्ट रखना जरूरी है कि अभी धर्म परिवर्तन कराने और प्रलोभन देने की बातें शिकायत तथा एफआईआर में लगाए गए आरोप हैं। पुलिस जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम सत्यता तय होगी। फिलहाल 16 नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच और पूछताछ की जा रही है।
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