मथुरा। हाथरस से मथुरा आ रही ट्रेन में गेट के पास बैठने को लेकर हुआ मामूली विवाद शुक्रवार दोपहर एक युवक की मौत का कारण बन गया। आरोप है कि कहासुनी के दौरान अलीगढ़ निवासी एक युवक ने हाथरस के रहने वाले जतिन को दो लात मार दीं। इससे जतिन ट्रेन के गेट के पास नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेन के डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों और मृतक के स्वजन ने आरोपित युवक को पकड़ लिया और बाद में उसे राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के हवाले कर दिया।
जानकारी के मुताबिक हाथरस के गांव रानी का नगला निवासी संजू देवी शुक्रवार को अपने पति लख्मी चंद्र और बेटों अनुज व जतिन के साथ मथुरा जाने के लिए घर से निकली थीं। परिवार को मथुरा में रहने वाले बड़े बेटे सनी के पास जाना था। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे सभी हाथरस से मथुरा जाने वाली ट्रेन में सवार हुए।
परिवार के साथ मथुरा जा रहा था जतिन
परिवार के लिए यह सामान्य रेल यात्रा थी। संजू देवी, उनके पति लख्मी चंद्र और दोनों बेटे अनुज व जतिन ट्रेन से मथुरा जा रहे थे।
मथुरा पहुंचकर उन्हें अपने बड़े बेटे सनी से मिलना था। किसी को अंदाजा नहीं था कि रास्ते में गेट के पास बैठने को लेकर होने वाला विवाद परिवार के लिए इतनी बड़ी त्रासदी बन जाएगा।
यात्रा के दौरान डिब्बे में अन्य यात्री भी मौजूद थे। इसी बीच गेट के पास बैठने की जगह को लेकर जतिन और एक अन्य युवक के बीच विवाद शुरू हो गया।
गेट के पास बैठने पर शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत ट्रेन के गेट के पास बैठने को लेकर हुई थी। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई।
मामूली बात पर शुरू हुई बहस धीरे-धीरे बढ़ गई। आरोप है कि इसी दौरान अलीगढ़ निवासी युवक ने जतिन के साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना इतनी तेजी से हुई कि साथ यात्रा कर रहे परिवार के सदस्य और अन्य यात्री कुछ समझ पाते, उससे पहले ही स्थिति गंभीर हो गई।
दो लात मारने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपित युवक ने जतिन को दो लात मारीं।
जतिन उस समय ट्रेन के गेट के नजदीक था। लात लगने के बाद वह अपना संतुलन नहीं संभाल सका और गेट के पास नीचे गिर गया।
गिरने के कारण उसे गंभीर चोट लगी। घटना होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और डिब्बे में मौजूद अन्य यात्री भी घबरा गए।
गंभीर चोट से हुई मौत
जतिन को लगी चोट गंभीर साबित हुई। उसकी मौत की जानकारी मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जो परिवार कुछ समय पहले तक अपने बड़े बेटे से मिलने मथुरा जा रहा था, वही परिवार अचानक हुई घटना के बाद सदमे में आ गया।
मां संजू देवी, पिता लख्मी चंद्र और भाई के सामने हुई घटना ने परिवार को झकझोर दिया।
ट्रेन में मची अफरा-तफरी
घटना के बाद डिब्बे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों में भी घटना को लेकर नाराजगी दिखाई दी।
ट्रेन जैसे सार्वजनिक परिवहन में गेट के पास हुए विवाद और उसके बाद युवक की मौत ने अन्य यात्रियों को भी स्तब्ध कर दिया।
इस दौरान आरोपित युवक को वहां से भागने नहीं दिया गया।
यात्रियों ने आरोपी को पकड़ा
जतिन के गिरने के बाद यात्रियों और उसके स्वजन ने आरोपित युवक को पकड़ लिया।
उसे ट्रेन में ही काबू में रखा गया और बाद में जीआरपी के हवाले कर दिया गया। आरोपी के अलीगढ़ का निवासी होने की बात सामने आई है।
अब रेलवे पुलिस घटना से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान होंगे अहम
घटना ट्रेन के अंदर और यात्रियों की मौजूदगी में हुई है। ऐसे में जांच में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
पुलिस ट्रेन में मौजूद यात्रियों और मृतक के परिवार के सदस्यों से घटना के संबंध में जानकारी जुटा सकती है।
इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट के दौरान वास्तव में क्या हुआ।
जीआरपी कर रही मामले की जांच
आरोपित को जीआरपी के हवाले किए जाने के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पुलिस घटना की परिस्थितियों, दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत और मारपीट से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।
मृतक के स्वजन के बयान के आधार पर भी मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामूली विवाद ने ले ली जान
पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि विवाद बेहद मामूली कारण से शुरू हुआ था।
ट्रेन के गेट के पास बैठने की जगह को लेकर हुई कहासुनी कुछ ही देर में हिंसक झगड़े में बदल गई और एक युवक की जान चली गई।
सार्वजनिक स्थानों पर छोटी बातों को लेकर होने वाले विवाद कई बार गंभीर परिणाम तक पहुंच जाते हैं। यह घटना भी उसी का दर्दनाक उदाहरण बन गई।
ट्रेन के गेट पर बैठना भी खतरनाक
इस घटना ने ट्रेन के गेट के आसपास बैठने और यात्रा करने के खतरे को भी सामने रखा है।
चलती ट्रेन में दरवाजे के पास बैठना या खड़ा होना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। अचानक धक्का लगने, संतुलन बिगड़ने या किसी अन्य वजह से यात्री गंभीर हादसे का शिकार हो सकता है।
यात्रियों को अपनी सुरक्षा के लिए ट्रेन के गेट से सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए।
बड़े बेटे से मिलने जा रहा था परिवार
परिवार हाथरस से मथुरा अपने बड़े बेटे सनी के पास जा रहा था। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे शुरू हुई इस यात्रा को लेकर सभी सामान्य रूप से निकले थे।
लेकिन बीच रास्ते में हुए विवाद ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
माता-पिता के सामने बेटे की मौत होना उनके लिए गहरा सदमा बन गया है। भाई अनुज भी इस घटना के दौरान परिवार के साथ मौजूद था।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जतिन की मौत के बाद गांव रानी का नगला में भी शोक का माहौल बनने की संभावना है। परिवार और परिचितों के लिए अचानक हुई इस घटना पर विश्वास करना मुश्किल है।
परिजनों का आरोप है कि जतिन की मौत आरोपी युवक द्वारा मारी गई लात के कारण नीचे गिरने से हुई।
पुलिस अब इन आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पुलिस जांच से स्पष्ट होगा पूरा घटनाक्रम
फिलहाल आरोपी युवक जीआरपी की हिरासत में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों युवकों के बीच विवाद किस तरह शुरू हुआ, मारपीट कैसे हुई और जतिन को किस प्रकार चोट लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिवार के बयान जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।
हाथरस से मथुरा की एक सामान्य रेल यात्रा के दौरान गेट के पास बैठने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर संयम बरतने और चलती ट्रेन के दरवाजे के पास अतिरिक्त सावधानी रखने की जरूरत को सामने रखा है।