बिजनौर। उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और बिजनौर के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने रविवार को जिले में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बिजनौर तहसील क्षेत्र के रावली बांध और गलखा देवी मंदिर के आसपास का स्थलीय निरीक्षण कर सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने रावली बांध की मौजूदा स्थिति, आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर और तटबंधों की मजबूती का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों से बाढ़ की संभावित स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों तथा बचाव की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें क्षेत्र में चल रहे निगरानी और सुरक्षा कार्यों से अवगत कराया।
कपिल देव अग्रवाल ने क्षेत्र के ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों से भी बातचीत की। उन्होंने लोगों से उनकी समस्याओं, जरूरतों और बारिश के कारण सामने आ रही परेशानियों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री को स्थानीय स्थिति और आवश्यक सुविधाओं के संबंध में बताया। मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदा या किसी भी कठिन परिस्थिति में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को समय पर भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराना शासन और प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री भी वितरित की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्री के वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और सहायता प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक समय पर पहुंचाई जाए।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने प्रशासन को जरूरत के अनुसार राहत शिविर, चिकित्सा सुविधा, पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए। संवेदनशील गांवों के लोगों से नियमित संपर्क बनाए रखने को भी कहा गया।
कपिल देव अग्रवाल ने सिंचाई विभाग द्वारा चलाए जा रहे तटबंध सुरक्षा और बचाव कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिले के सभी बांधों और तटबंधों की नियमित जांच की जाए। जहां कहीं मिट्टी का कटाव, रिसाव या तटबंध कमजोर होने के संकेत मिलें, वहां बिना देरी किए मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू कराया जाए।
उन्होंने कहा कि संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राजस्व, सिंचाई, पुलिस, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। समय रहते किए गए सुरक्षा उपाय और प्रभावी निगरानी किसी बड़ी दुर्घटना को रोकने में सहायक हो सकते हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक उपकरण, वाहन और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
रावली बांध और गलखा देवी मंदिर क्षेत्र का दौरा करने के बाद प्रभारी मंत्री बैराज स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले की स्थिति का आकलन किया। बैठक में नदियों के जलस्तर, बांधों और तटबंधों की स्थिति, संवेदनशील स्थानों, राहत व्यवस्था तथा बचाव कार्यों की तैयारियों पर बिंदुवार चर्चा हुई।
प्रभारी मंत्री ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी स्थान से जलस्तर बढ़ने, कटाव होने या आबादी में पानी प्रवेश करने की सूचना मिलते ही अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचें और प्रभावी कार्रवाई करें। स्थानीय स्तर पर तैनात कर्मचारियों से नियमित रिपोर्ट लेने को भी कहा गया।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देवेंद्र पाल सिंह ने प्रभारी मंत्री को बताया कि वर्तमान समय में बिजनौर जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशन में सभी संबंधित विभाग लगातार निगरानी और सुरक्षात्मक कार्य कर रहे हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी देवेंद्र पाल सिंह, सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रभारी मंत्री ने प्रशासन को सतर्कता बनाए रखने और राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
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