Baba साहेब के विचारों से गूंजा मेरठ, महारैली में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान
Meerut मेरठ : संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक न्याय के संदेश के साथ रविवार को मेरठ में “संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” महारैली का आयोजन किया गया। सरधना विधायक अतुल प्रधान के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं, छात्र-छात्राओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संविधान के महत्व और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के प्रति लोगों को जागरूक करना था। इस अवसर पर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर आधारित एक विशेष विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने संविधान के मूल सिद्धांतों, सामाजिक समानता और नागरिक अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान देश की आत्मा है। संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, न्याय और सम्मान का अधिकार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान की मूल भावना और उसके आदर्शों का पालन करना बेहद जरूरी है।
वक्ताओं ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के अधिकारों और विश्वास का आधार है। इसके माध्यम से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि संविधान में दिए गए अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
रैली को संबोधित करते हुए विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है, जब संविधान के मूल्यों का सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा कि संविधान देश के हर नागरिक को समान अधिकार देता है और इसकी रक्षा के लिए सभी को जागरूक रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय, समानता और स्वतंत्रता का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से संविधान के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में शामिल युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को संविधान के महत्व के बारे में जानकारी देना जरूरी है, ताकि लोकतंत्र की नींव और मजबूत हो सके।
महारैली में शामिल लोगों ने संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान सामाजिक न्याय, समान अवसर और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को संविधान के प्रति जागरूक करना और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए एकजुट करना है।
“संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” महारैली का समापन संविधान के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने और संविधान की भावना के अनुरूप समाज निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।