Mathura मथुरा: वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए हर दिन व्यवस्था में बदलाव हो रहा है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। होली से पहले यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। होली पर ठाकुरजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब वृंदावन पहुंच रहा है। रविवार को अवकाश होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या इतनी बढ़ गई कि उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। धक्का-मुक्की के बीच मंदिर परिसर के अंदर और बाहर हालात बेकाबू नजर आए। इसी बीच कोलकाता से दर्शन करने आईं संदीप गुप्ता की पत्नी नेहा गुप्ता गिर गईं। जब तक उन्हें उठाया जाता, कई श्रद्धालु उनके पैरों के ऊपर से गुजर गए। उनके पैर में चोट लग गई।
उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके पैर में फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है। बांकेबिहारी मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात पुलिसकर्मी भी भीड़ के चलते बेबस नजर आए। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि पुलिसकर्मी खुद ही उनके बीच फंस गए। श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने में वे हांफते रहे। दरअसल, भीड़ को देखते हुए पुलिस के इंतजाम कम पड़ रहे हैं। जब तक प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाएगा, तब तक स्थिति में सुधार होना मुश्किल है। उधर, दिनभर महिला श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच स्थिति बिगड़ती रही। मंदिर में दर्शन के दौरान दिल्ली से आई मनोज की पुत्री निकिता भीड़ में बुरी तरह फंस गई। घबराहट के कारण वह बेहोश हो गई। इसके अलावा कोलकाता निवासी वृद्धा गायत्री और उनकी बेटी मौनी भी बेहोश हो गई। मंदिर में मौजूद टीम ने तीनों का उपचार किया, जिसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ।
शाम को दर्शन के दौरान भीड़ के कारण हापुड़ निवासी संजय शर्मा की पुत्री तृषा शर्मा और पिंटू की पत्नी शीतल की भी तबीयत बिगड़ गई। दोनों चक्कर आने से गिर पड़ीं। उन्हें भी उपचार देकर वापस भेज दिया गया। रविवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ने से स्थिति बेकाबू हो गई। भीड़ में दबने से एक महिला श्रद्धालु का पैर फ्रैक्चर हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, पांच अन्य महिला श्रद्धालुओं की भी हालत बिगड़ गई। मंदिर में मौजूद चिकित्सकों की टीम ने सभी का उपचार किया, जिसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी नजर आई।
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