चिराऊं। गांव चिराऊं में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पुराने नलकूप के गड्ढे से ईंट निकालते समय अचानक मिट्टी की ढांग गिर गई, जिसमें एक बच्चे समेत दो लोग दब गए। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और पुलिस को भी सूचना दी गई।

घटना इतनी दुखद रही कि हादसे में दो लोगों की मौत के कुछ ही घंटों बाद गांव में तीसरी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दो लोगों की मौत का सदमा गांव के एक होमगार्ड को लग गया और ड्यूटी से घर पहुंचने के बाद हार्ट अटैक से उसकी भी मौत हो गई। एक ही दिन में तीन मौतों से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

नलकूप के पुराने कुएं से निकाल रहे थे ईंट

जानकारी के अनुसार, चिराऊं गांव निवासी 48 वर्षीय राजेंद्र पुत्र प्रहलाद और उनके पड़ोसी 11 वर्षीय गौरव पुत्र कुलदीप खेत में स्थित पुराने नलकूप के कुएं से ईंट निकालने गए थे।

दोनों कुएं के अंदर उतरकर काम कर रहे थे। बताया गया कि वे करीब सात फीट नीचे पहुंच चुके थे, तभी अचानक कुएं की मिट्टी की ढांग भरभराकर गिर गई।

देखते ही देखते दोनों मिट्टी के मलबे में दब गए।

हादसे के बाद मची चीख-पुकार

मिट्टी गिरने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।

ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई।

मलबे में दबे दोनों लोगों को बाहर निकालने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई।

दो घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया

रेस्क्यू अभियान के दौरान ग्रामीणों और प्रशासनिक टीम ने काफी मेहनत की।

करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद राजेंद्र को मलबे से बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद गौरव को निकालने का प्रयास जारी रहा। हादसे में बच्चे की भी मौत हो गई।

परिवारों में मचा कोहराम

घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया।

राजेंद्र के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, 11 वर्षीय गौरव की मौत से उसके परिवार और गांव के लोग सदमे में हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि दोनों सामान्य तरीके से खेत पर काम करने गए थे, लेकिन अचानक हुए हादसे ने परिवारों की खुशियां छीन लीं।

छह घंटे में गांव में तीसरी मौत

चिराऊं गांव के लिए शनिवार का दिन बेहद दुखद रहा। हादसे में दो लोगों की मौत के बाद करीब छह घंटे के अंदर गांव में तीसरी मौत हो गई।

बताया गया कि गांव के एक होमगार्ड को हादसे में हुई दो मौतों की जानकारी मिली। वह इस घटना से काफी आहत हो गए।

ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई।

गांव में छाया मातम

एक ही दिन में तीन लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा दुखद दिन उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। हादसे के बाद हर घर में शोक का माहौल है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई।

प्रशासन की ओर से भी मामले पर नजर रखी जा रही है।

पुराने कुओं से जुड़े खतरों पर सवाल

इस हादसे के बाद पुराने नलकूप और कुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में कई पुराने कुएं और गड्ढे खुले पड़े रहते हैं, जहां काम करने के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर सुरक्षा उपायों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पुराने कुओं, नलकूपों और गहरे गड्ढों में उतरते समय पूरी सावधानी बरतें।

बिना सुरक्षा इंतजाम के ऐसे स्थानों पर काम करना जानलेवा साबित हो सकता है।

चिराऊं गांव का यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को उजागर करता है।

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