Ayodhya अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर परिसर की सुरक्षा, स्वच्छता और दर्शन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व सुव्यवस्थित बनाने के लिए बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी कर रहा है। मंदिर परिसर में हाल ही में चढ़ावे में गबन (हेराफेरी) के मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट अब व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के मूड में है।
सूत्रों के अनुसार, मंदिर प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत और अधिक जवाबदेह बनाने के लिए जल्द ही नए सेवादारों की बड़े पैमाने पर भर्ती की जा सकती है। इसके साथ ही वर्तमान में कार्यरत कई संदिग्ध या लापरवाह कर्मियों की सेवाएं समाप्त किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।ट्रस्ट का मानना है कि राम मंदिर जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और श्रद्धा से जुड़े स्थल पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण से सुरक्षा व्यवस्था से लेकर दर्शन व्यवस्था तक हर स्तर पर सुधार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जाएगी। सेवादारों की नियुक्ति प्रक्रिया को भी अधिक सख्त और निगरानी आधारित बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को समाप्त किया जा सके।बताया जा रहा है कि यह प्रस्तावित बदलाव आगामी 6 जुलाई को होने वाली बैठक में चर्चा का प्रमुख विषय हो सकता है, जहां आगे की रणनीति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इसके अलावा मंदिर परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रण प्रणाली और सुरक्षा जांच प्रक्रिया को भी और अधिक आधुनिक व प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।कुल मिलाकर, राम मंदिर ट्रस्ट का यह कदम मंदिर परिसर की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर और सुगम दर्शन अनुभव मिल सके।