कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, नौशाद को मंगलवार सुबह एक मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

31 अगस्त को कौशाम्बी के मनौरी गांव में हुई इस दर्दनाक घटना में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 8 बच्चे भी शामिल थे। धमाका इतना भीषण था कि आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।

अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ था धमाका

जानकारी के मुताबिक, कौशाम्बी के मनौरी गांव में नौशाद द्वारा कथित रूप से अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।

31 अगस्त को इसी फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के 5 से 6 घरों को नुकसान पहुंचा। कई मकान ढह गए और मलबे में दबने से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए।

हादसे में 11 लोगों की मौत

इस हादसे में कुल 11 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में 8 बच्चे भी शामिल थे। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम फैल गया।

प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया।

घटना के बाद पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी।

फरार चल रहा था मुख्य आरोपी

धमाके के बाद से ही मुख्य आरोपी नौशाद फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी चरवा क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की।

पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया आरोपी

पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे चरवा इलाके के सैयद सरावां के पास नौशाद को पकड़ने का प्रयास किया गया।

आरोप है कि पुलिस टीम से घिरने के बाद नौशाद ने भागने की कोशिश की और पुलिस दल पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो आरोपी के पैर में लगी।

इसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।

अस्पताल में चल रहा इलाज

मुठभेड़ के बाद घायल नौशाद को मंझनपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत फिलहाल स्थिर है और उसकी जान खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस की निगरानी में आरोपी का इलाज कराया जा रहा है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

जांच एजेंसियां फैक्ट्री से जुड़े दस्तावेज, विस्फोटक सामग्री की उपलब्धता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी समेत कई पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

हादसे के बाद उठे सुरक्षा सवाल

कौशाम्बी की घटना ने अवैध पटाखा निर्माण और सुरक्षा नियमों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन अब जिले में चल रही अन्य पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों की भी जांच कर सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा

प्रशासन ने पहले ही मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य आरोपी नौशाद की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस मामले में आगे की जांच और पूछताछ करेगी।

कौशाम्बी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि, इस घटना में हुई मौतों के बाद अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अवैध विस्फोटक कारोबार पर रोक लगाना है।

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