वाराणसी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन पर तीखा हमला किया। उन्होंने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। नितिन नवीन ने कहा कि भारत की जनता विपक्ष के ऐसे किसी भी मकसद को सफल नहीं होने देगी।
नितिन नवीन वाराणसी में ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जुड़ी थी और इसका समापन वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुआ।
सभा को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने राहुल गांधी और विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे SIR के मुद्दे को लेकर जनता में भ्रम पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “देश के विपक्ष के नेता अराजकता के माहौल में असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं उनसे साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि भारत की जनता उनके मकसद और इरादे को कभी भी हकीकत नहीं बनने देगी।” यह भाजपा अध्यक्ष का राजनीतिक आरोप है, जिसका विपक्ष खंडन करता रहा है।
नितिन नवीन ने SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर ऐसी राजनीति कर रही है, जिसका उद्देश्य चुनाव आयोग की प्रक्रिया को संदिग्ध बनाना है। भाजपा की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि विपक्ष घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर राजनीति कर रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का कहना है कि उनका विरोध योग्य मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर है।
SIR को लेकर पिछले दो दिनों से दिल्ली में विपक्षी दलों का प्रदर्शन जारी है। राहुल गांधी और कई विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। 6 और 7 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी समेत कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया। चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
वाराणसी की सभा में नितिन नवीन ने इसी राजनीतिक विवाद को आधार बनाते हुए विपक्ष की रणनीति पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की जगह है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाना उचित नहीं है। भाजपा नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव आयोग की वैधानिक जिम्मेदारी है और इसे राजनीतिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
वहीं विपक्ष का तर्क है कि SIR प्रक्रिया में यदि वास्तविक मतदाताओं के नाम हटते हैं या प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रहती, तो इस पर सवाल उठाना उसका लोकतांत्रिक अधिकार है। इस विवाद के कारण चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त और मतदाता सूची संशोधन से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए हैं।
नितिन नवीन ने वाराणसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। ‘सेवा संकल्प’ बाइक यात्रा 17 सितंबर को गुजरात के वडनगर से शुरू हुई थी और 7 अक्टूबर को वाराणसी में समाप्त हुई। यात्रा को प्रधानमंत्री मोदी की जन्मभूमि वडनगर से उनकी राजनीतिक कर्मभूमि वाराणसी तक के सफर का प्रतीक बताया गया।
यात्रा में शामिल बाइक सवारों के लिए वाराणसी में कई कार्यक्रम रखे गए थे। इसमें नमो घाट पर स्वागत, पुस्तक प्रदर्शनी और काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक जैसे कार्यक्रम शामिल रहे। इसके बाद प्रतिभागी मुख्य सभा में पहुंचे, जहां भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने संबोधन दिया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल और सार्वजनिक जीवन का उल्लेख किया। भाजपा ने इस आयोजन को सेवा, सुशासन और विकास के संदेश से जोड़ा। प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था और 2026 में उनके सार्वजनिक नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे हुए हैं।
नितिन नवीन ने विपक्ष पर हमला करते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष के दबाव के सामने पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि देश की जनता राजनीतिक उद्देश्यों और इरादों को समझती है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा रखती है।
भाजपा अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सांसद दिल्ली में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। भाजपा ने इन प्रदर्शनों को राजनीतिक बताया है।
इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि वह मतदाताओं के अधिकार और चुनावी पारदर्शिता के लिए सवाल उठा रहा है। ऐसे में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर राजनीतिक टकराव फिलहाल थमता नहीं दिख रहा।
वाराणसी में ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के समापन मंच से नितिन नवीन का यह बयान विपक्ष के खिलाफ भाजपा की आक्रामक राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष की मुहिम का राजनीतिक स्तर पर जवाब देती रहेगी।