सीतापुर : छात्रों की अपार आईडी बनाने के काम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों यानी बीईओ की सैलरी रोकने के निर्देश दिए हैं। जिले में कक्षा एक से 12वीं तक संचालित परिषदीय, अनुदानित, मान्यता प्राप्त विद्यालयों और मदरसों में पढ़ने वाले करीब 2.30 लाख विद्यार्थियों की अपार आईडी अभी तक नहीं बन पाई है। इस स्थिति पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह और बीएसए ने नाराजगी जताई है। अधिकारियों ने शिक्षकों और अधीनस्थ कर्मचारियों को जल्द से जल्द लंबित काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल के अनुसार, सीतापुर जिले में कक्षा एक से 12वीं तक संचालित सभी स्कूलों और मदरसों में कुल 8.20 लाख विद्यार्थी नामांकित हैं। इनमें से करीब 5.87 लाख विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने का काम पूरा हो चुका है। वहीं करीब 2.30 लाख विद्यार्थियों के आवेदन अभी प्रक्रियाधीन या लंबित हैं। विभाग का कहना है कि कम प्रगति वाले संस्थानों के साथ समन्वय कर अभियान चलाया जा रहा है, ताकि शेष विद्यार्थियों की अपार आईडी जल्द तैयार कराई जा सके। बीएसए के मुताबिक जिले में करीब 72 प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी बन चुकी है।
अपार आईडी बनाने के मामले में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और बेसिक एडेड स्कूलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। केजीबीवी में पंजीकृत 2,377 विद्यार्थियों में से 2,123 की आईडी बन चुकी है। यहां करीब 89.31 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसी तरह बेसिक एडेड स्कूलों में कुल 14,578 विद्यार्थियों में से 13,013 की अपार आईडी तैयार हो चुकी है, जो करीब 89.26 प्रतिशत है। माध्यमिक एडेड स्कूलों में 85.37 प्रतिशत, राजकीय विद्यालयों में 81.59 प्रतिशत और परिषदीय विद्यालयों में 81.30 प्रतिशत काम पूरा बताया गया है।
परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या सबसे अधिक है। यहां कुल 3,95,207 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से 3,21,301 विद्यार्थियों की अपार आईडी जनरेट की जा चुकी है। दूसरी ओर मदरसों और निजी विद्यालयों में यह काम अपेक्षाकृत धीमा है। मदरसा क्षेत्र में केवल 47.73 प्रतिशत प्रगति हुई है। यहां 42,712 विद्यार्थियों में से 22,141 के आवेदन अभी नहीं हो सके हैं। समाज कल्याण विभाग से जुड़े संस्थानों में 51.90 प्रतिशत, बेसिक प्राइवेट संस्थानों में 55.09 प्रतिशत और माध्यमिक प्राइवेट स्कूलों में 59.87 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। माध्यमिक निजी क्षेत्र में 67,605 और बेसिक निजी क्षेत्र में 54,942 विद्यार्थियों की आईडी का काम अभी लंबित बताया गया है।
इसी बीच एमडीएम योजना के संचालन में लापरवाही को लेकर भी शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विकासखंड गोंदलामऊ के प्राथमिक विद्यालय लोहंगपुर में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में अनियमितता मिलने पर बीएसए ने बीईओ सीमी निगार को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है। वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापिका निकहत फातिमा के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। विभाग के अनुसार विद्यालय में निर्धारित मेनू और शासनादेश के अनुरूप नियमित रूप से एमडीएम का संचालन नहीं किया जा रहा था। एक मामले में बच्चों को भोजन के बजाय बिस्किट बांटे जाने की बात भी सामने आई थी।
बीएसए ने कहा कि इससे पहले भी प्रभारी प्रधानाध्यापिका को लापरवाही के संबंध में चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। मामले की जांच बीईओ मुख्यालय और जिला समन्वयक एमडीएम को सौंपी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के पोषण और मध्याह्न भोजन के निर्धारित मानकों से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एमडीएम व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बीएसए ने एक और निर्देश जारी किया है। अब खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक और शिक्षक स्कूली बच्चों के साथ बैठकर मध्याह्न भोजन ग्रहण करेंगे। भोजन करने के बाद स्कूल के नाम के साथ जीओटैग फोटो विभाग के आधिकारिक ग्रुप में साझा करनी होगी। बीईओ और जिला समन्वयक विद्यालय खुलने से लेकर मध्यावकाश तक क्षेत्र में रहकर किसी न किसी विद्यालय में बच्चों के साथ भोजन करेंगे। नियमों का पालन नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
विभाग का लक्ष्य अब लंबित अपार आईडी का काम तेजी से पूरा करना है। बीएसए ने जिलाधिकारी के निर्देश के तहत कम प्रगति वाले विभागों और संस्थानों से समन्वय स्थापित करने तथा निजी विद्यालयों और मदरसों में विशेष अभियान चलाने की बात कही है। अपार आईडी का काम पूरा कराने के साथ शिक्षा विभाग ने स्कूलों में एमडीएम की गुणवत्ता और नियमितता पर भी निगरानी बढ़ा दी है।
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