SIT का बड़ा एक्शन, राम मंदिर ट्रस्ट पर सख्ती

Update: 2026-06-21 13:36 GMT

उत्तर प्रदेश: अयोध्या राम मंदिर में मिले दान और वित्तीय प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ा कदम उठाते हुए मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और संबंधित लोगों को जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि SIT ने यह आदेश रविवार को लखनऊ रवाना होने से पहले जारी किया।

सूत्रों के अनुसार, SIT रोजाना अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज रही है। जांच में दान में मिले सोने, चांदी के आभूषणों, हीरे और कीमती पत्थरों के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की बात सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रस्ट के पदाधिकारी इन रिकॉर्ड से जुड़े सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि कुंभ मेले के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे और दान पेटियां कुछ ही घंटों में भर जाती थीं। SIT अब केवल दान की जांच ही नहीं कर रही, बल्कि ट्रस्ट द्वारा की गई जमीन खरीद और निर्माण सामग्री की खरीद को भी जांच के दायरे में लिया गया है। आरोप है कि करीब 71 एकड़ जमीन बाजार भाव से 500 से 800 प्रतिशत अधिक कीमत पर खरीदी गई।

इस मामले को लेकर पहले समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी सहित कई राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT का गठन किया था। इस टीम में लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

SIT की इस कार्रवाई के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

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