सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में गणेश उत्सव की तैयारियों के दौरान बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। आर्यनगर स्थित पंजाबी धर्मशाला में करीब 40 वर्ष पुरानी रेलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद गणेश उत्सव की खुशियां मातम में बदल गईं।

जानकारी के मुताबिक आर्यनगर स्थित पंजाबी धर्मशाला के आंगन में गणेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा था। कार्यक्रम के लिए धर्मशाला की पहली मंजिल पर बनी पुरानी रेलिंग से तिरपाल बांधा गया था। बुधवार को इलाके में बारिश होने के कारण तिरपाल पर लगातार पानी जमा होता गया। पानी भरने से तिरपाल का वजन काफी बढ़ गया और उसका दबाव पुरानी रेलिंग पर पड़ने लगा।

बताया जा रहा है कि रेलिंग करीब 40 साल पुरानी थी। पानी से भरे तिरपाल का अतिरिक्त भार वह सह नहीं सकी और अचानक ढह गई। रेलिंग के गिरते ही उसकी ईंटें और निर्माण सामग्री नीचे मौजूद लोगों पर आ गिरी। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोगों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का मौका तक नहीं मिला।

रेलिंग गिरने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों और आयोजन से जुड़े लोगों ने तत्काल मलबे के नीचे और आसपास घायल पड़े लोगों को बाहर निकाला। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में कई लोगों के सिर में गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई है।

घटना में आर्यनगर निवासी निधि कोहली, मोनिका गुप्ता, नीलम कोहली, मीना कोहली, उमा देवी, निधि मेहरोत्रा, उमा कपूर, अश्वनी मिश्र तथा विजय लक्ष्मीनगर निवासी विनी कोहली, अदिति बाजपेयी और सची के घायल होने की जानकारी दी गई है। इनमें एक महिला की हालत गंभीर होने के बाद मौत हो गई। अन्य घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. और पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से हादसे के संबंध में जानकारी ली और उस स्थान को भी देखा जहां पहली मंजिल की रेलिंग से तिरपाल बांधा गया था।

जिलाधिकारी ने घटना की जांच कराने की बात कही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आयोजन के दौरान तिरपाल बांधने से पहले पुरानी रेलिंग की स्थिति की जांच की गई थी या नहीं। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि तिरपाल पर पानी जमा होने के बाद उसे निकालने के लिए समय रहते कोई व्यवस्था की गई थी या नहीं।

प्रारंभिक जानकारी में हादसे की मुख्य वजह बारिश के पानी से तिरपाल का वजन बढ़ना और उसके दबाव से पुरानी रेलिंग का ढहना बताया जा रहा है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारण और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार गणेश उत्सव को लेकर धर्मशाला में तैयारियां की गई थीं और बारिश से बचाव के लिए आंगन के ऊपर तिरपाल लगाया गया था। बुधवार को बारिश शुरू होने के बाद तिरपाल पर पानी जमा होने लगा। लगातार पानी भरने से उसका वजन कई गुना बढ़ गया। तिरपाल रेलिंग से बंधा होने के कारण पूरा दबाव रेलिंग पर आया और कुछ समय बाद वह टूटकर नीचे गिर गई।

हादसे के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिन परिवारों के सदस्य हादसे में घायल हुए, वे सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे। गणेश उत्सव के बीच हुई इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग भी अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों की जानकारी लेते रहे।

पुलिस ने घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और लोगों को क्षतिग्रस्त हिस्से से दूर किया। अधिकारियों ने संबंधित लोगों से घटना के बारे में पूछताछ भी की। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की है। गंभीर रूप से घायल लोगों को मेडिकल कॉलेज भेजे जाने के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

इस घटना ने पुराने भवनों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से बारिश के मौसम में तिरपाल या अन्य अस्थायी ढांचे लगाने के दौरान उन पर जमा होने वाले पानी का वजन काफी बढ़ सकता है। यदि इन्हें पुराने या कमजोर निर्माण से बांधा जाए तो हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

अब प्रशासनिक जांच में रेलिंग की वास्तविक स्थिति, आयोजन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था और तिरपाल लगाने के तरीके सहित विभिन्न पहलुओं की जांच किए जाने की संभावना है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हादसे की जिम्मेदारी और किसी संभावित लापरवाही को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

फिलहाल इस हादसे में एक महिला की मौत और 10 लोगों के घायल होने से गणेश उत्सव का माहौल गम में बदल गया है। प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ मामले की जांच कराने की बात कही है, जबकि घायलों का मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है।

Tags: