लखनऊ : राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति से राहत दिलाने के उद्देश्य से भारी वाहनों के डायवर्जन और नो-एंट्री नियमों में बदलाव किया गया है। अब भारी वाहन पुराने रूट की जगह नए निर्धारित मार्ग से शहर में प्रवेश और निकासी कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत **जुनाबगंज से लागू भारी वाहनों का डायवर्जन और नो-एंट्री सिस्टम खत्म कर दिया गया है**। अब जुनाबगंज की ओर से आने वाले भारी वाहन **दरोगा खेड़ा होते हुए किसान पथ और आउटर रिंग रोड की ओर जा सकेंगे**। इससे शहर के अंदर आने वाले भारी वाहनों का दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है।
दरोगा खेड़ा से लागू होगी नई व्यवस्था
यातायात पुलिस के अनुसार, भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री और डायवर्जन व्यवस्था को जुनाबगंज से हटाकर अब दरोगा खेड़ा पर लागू किया गया है। इसके तहत भारी वाहनों को तय रूट के अनुसार किसान पथ या आउटर रिंग रोड की तरफ भेजा जाएगा।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य शहर के व्यस्त इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही कम करना है, जिससे छोटे वाहनों और आम लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिल सके।
ट्रैफिक दबाव कम करने की कोशिश
लखनऊ में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण कई प्रमुख सड़कों पर जाम की समस्या सामने आती रहती है। खासतौर पर भारी वाहनों की आवाजाही से कई बार पीक ऑवर में यातायात प्रभावित होता है।
नई व्यवस्था से प्रशासन को उम्मीद है कि भारी वाहनों को शहर के अंदर आने से रोककर उन्हें बाहरी मार्गों से निकाला जा सकेगा। इससे शहर की सड़कों पर दबाव कम होगा और यात्रा आसान हो सकेगी।
ट्रायल के आधार पर निगरानी
डीसीपी ट्रैफिक के अनुसार, नई व्यवस्था को फिलहाल ट्रायल के आधार पर लागू किया गया है। यातायात पुलिस लगातार इसकी निगरानी कर रही है।
वाहनों की संख्या, जाम की स्थिति और वाहन चालकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए आगे जरूरत के अनुसार बदलाव किए जा सकते हैं।
भारी वाहन चालकों को राहत
नई व्यवस्था से उन ट्रक और बड़े वाहनों को राहत मिलेगी, जिन्हें पहले नो-एंट्री के कारण वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता था। अब उन्हें निर्धारित रूट के जरिए आसानी से आगे बढ़ने की सुविधा मिलेगी।
हालांकि वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना होगा और निर्धारित मार्ग से ही आवागमन करना होगा।
शहर के अंदर भीड़ नियंत्रण पर जोर
लखनऊ में त्योहारों और विशेष आयोजनों के दौरान भी यातायात व्यवस्था में बदलाव किए जाते हैं। जन्माष्टमी जैसे आयोजनों के दौरान भीड़ को देखते हुए कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया था।
प्रशासन का कहना है कि शहर में सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे बदलाव जरूरी होते हैं।
लोगों से सहयोग की अपील
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे नई व्यवस्था की जानकारी रखें और नियमों का पालन करें। गलत मार्ग से जाने या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि आम लोगों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है।
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