Lucknow: पारिवारिक कलह और बीमारी के कारण पांच लोग मौत के शिकार

मामलों की वजह पारिवारिक तनाव, बीमारी और मानसिक परेशानी बताई जा रही है

Update: 2025-04-17 08:16 GMT

लखनऊ: अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पांच लोगों ने आत्महत्या कर ली, जिनमें एक महिला भी शामिल है। मामलों की वजह पारिवारिक तनाव, बीमारी और मानसिक परेशानी बताई जा रही है।

बेटी के तलाक से दुखी मां ने दी जान

मानकनगर के रामप्रसादखेड़ा की अनीता चौहान (53) ने बेटी के तलाक से आहत होकर सोमवार रात फांसी लगा ली। उनके परिवार में पति राजकुमार, चार बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी शिल्पी का हाल ही में तलाक हुआ था, जिससे अनीता मानसिक रूप से काफी परेशान थीं। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।

शादी में न जाकर युवक ने किया आत्महत्या

ठाकुरगंज के भूहर गांव निवासी शिवम (22) एक कपड़े की दुकान में काम करता था। सोमवार को परिवार शादी समारोह में गया, लेकिन शिवम ने साथ जाने से इनकार कर दिया। जब मंगलवार दोपहर परिवार लौटकर आया, तो शिवम को कमरे में फांसी पर लटका पाया। आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

राजमिस्त्री ने खाया जहर, परिजनों ने लगाए प्रताड़ना के आरोप

मलिहाबाद के घुसौली गांव के दिनेश उर्फ छोटू (26) ने सोमवार रात जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई। पत्नी शबनम ने बताया कि दिनेश दिनभर सामान्य थे। वहीं, चाची वेदरानी ने शबनम और उनकी बुआ पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। दिनेश तीन बच्चों के पिता थे।

बीमारी से परेशान किसान ने पी लिया कीटनाशक

फतेहनगर के 58 वर्षीय किसान प्रकाश काफी समय से बीमार थे। 11 अप्रैल को उन्होंने खेत पर जाकर कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं।

नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके वालों ने जताई हत्या की आशंका

इटौंजा के असनहा गांव में 20 वर्षीय नवविवाहिता मुन्नी का शव मंगलवार सुबह कमरे में बल्ली से लटका मिला। पति रंजीत ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके वालों को हत्या की आशंका है। मुन्नी ने 1 जनवरी को प्रेम विवाह किया था। पुलिस के अनुसार शव पर चोट के निशान नहीं थे और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। तहरीर मिलने पर जांच की जाएगी।

इन घटनाओं ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संवाद और समाज में भावनात्मक समर्थन की जरूरत को उजागर कर दिया है।

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