लखनऊ: पार्षदों ने नगर आयुक्त के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पार्षदों का कहना है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने समय दिया। उनसे मिले, लेकिन नगर आयुक्त को समय नहीं मिल रहा है। पार्षदों का उत्पीड़न किया जा रहा। उनका अपमान किया जा रहा। नगर निगम के विकास कार्यों पर विराम लगा हुआ है। नगर निगम की जिम्मेदारी नगर आयुक्त नहीं समझ पा रहे हैं। लापरवाही अधिकारी बरत रहे हैं और मुकदमा पार्षद के खिलाफ हो रहा है। पार्षद नगर आयुक्त हाय हाय, नगर आयुक्त की तानाशाही नहीं सहेंगे, नगर आयुक्त पार्षदों का उत्पीड़न बंद करो, नगर निगम प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते नजर आये।
पार्षदों का का कहना है कि राधा ग्राम में नाले में बहने से हुई सुरेश की मौत के मामले में नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही है। अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए गलत ढंग से स्थानीय पार्षद सीबी सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
सीबी सिंह तो पहले से ही नगर निगम के अधिकारियों से टूटे स्लैब को सही कराने की मांग कर रहे थे। आरोप है कि अधिकारी अपनी कमियों को छिपा रहे हैं। अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान मेयर सुषमा खर्कवाल नगर निगम कार्यालय में मौजूद रही। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को कॉल करके पूछा है कि पार्षद सीबी सिंह के खिलाफ किस आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ है।