लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कानपुर और आगरा में प्रस्तावित फुटवियर पार्कों को लेकर चीन की बड़ी जूता निर्माता कंपनियों ने करीब 2500 करोड़ रुपये के निवेश में रुचि दिखाई है। चर्म निर्यात परिषद (सीएलई) और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा किए गए छह दिवसीय चीन दौरे के दौरान यह सहमति बनी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रमुख सचिव (एमएसएमई, अवस्थापना और औद्योगिक विकास) आलोक कुमार ने किया।
इस निवेश से अनुमानतः 10 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। हालांकि, इसमें अगला कदम भारत सरकार की वीजा नीति पर निर्भर करेगा, जिस पर अगले माह बैठक प्रस्तावित है।
चीन के फुजियांग प्रांत में फैली जिनजियांग इंटरनेशनल शूज़ एंड टेक्सटाइल सिटी का दौरा करने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने गुआंगजौ में आयोजित दक्षिण-पूर्व एशिया फुटवियर मेले में भाग लिया। इस दौरान ताइवान के एवरवान समूह, जो नाइकी, प्यूमा और क्रॉक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के लिए उत्पादन करता है, ने यूपी की नीति से प्रभावित होकर 1000 करोड़ रुपये निवेश की इच्छा जताई।
चीन की फुटवियर और सामग्री संघ के अध्यक्ष लियू सुइलोंग ने प्रदेश में एक पूर्ण फुटवियर इको सिस्टम स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इसके अतिरिक्त जिन सात कंपनियों ने निवेश की रुचि जताई है, उनमें शामिल हैं:
लियू सुइलोंग – ग्वांगडोंग शू मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष
एलेक्स कै – तियानफू (विशेष वस्त्र सामग्री)
डिंग चिंग खी – सोल, अपर व डिजाइन मोल्ड निर्माता
यिहुआंग डिंग – फुजियान याओक्सिंग टेक्सटाइल कंपनी
होंग जी जियान (बेयॉन्ग) – सिलाई मशीन निर्माता
झोंगताई – फुटवियर मशीनरी उपकरण निर्माता
वीजा नीति रही चर्चा का केंद्र
चीन के निवेशकों ने वीजा प्रक्रिया को सरल और प्राथमिकता देने की मांग उठाई। चर्चा के दौरान सुझाव दिया गया कि निर्माण क्षेत्र में निवेश करने वाले निवेशकों को पहले अल्पावधि और बाद में छह माह के लिए स्वचालित वीजा देने पर विचार किया जा सकता है। इस नीति को सकारात्मक बताते हुए छह अन्य कंपनियों ने भी अगले डेढ़ वर्ष में लगभग 1500 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई है।