उत्तर प्रदेश : सरकार द्वारा बिजली चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद कई क्षेत्रों में समस्या गंभीर बनी हुई है। प्रयागराज के संगम नगरी स्थित खुसरोबाग विद्युत वितरण उपखंड के कुछ इलाकों में बिजली चोरी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। जून-2026 की फीडरवार ऊर्जा लेखा रिपोर्ट के अनुसार बैदनटोला फीडर पर लाइन लॉस 90.14 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जिसे विभाग ने बेहद चिंताजनक माना है। इस स्थिति का सबसे अधिक असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है जो नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं। उन्हें बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने, ओवरलोडिंग और फॉल्ट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट में बैदनटोला के अलावा दायराशाह अजमल फीडर पर 83.67 प्रतिशत, कटाजू रोड फीडर पर 76.92 प्रतिशत और डफरिन फीडर पर 73.91 प्रतिशत लाइन लॉस दर्ज किया गया है। विभाग का मानना है कि इतनी अधिक ऊर्जा हानि का प्रमुख कारण बिजली चोरी, मीटर बाईपास, कटिया कनेक्शन, गलत टैगिंग और अनधिकृत बिजली उपयोग है। अधिकारियों का कहना है कि इन इलाकों में लंबे समय से बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसकी पुष्टि अब ऊर्जा लेखा रिपोर्ट से भी हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार खुसरोबाग न्यू उपखंड का औसत लाइन लॉस 66.10 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि ओल्ड उपखंड में यह 34.60 प्रतिशत है। पूरे खुसरोबाग उपखंड का औसत लाइन लॉस 50.89 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो सामान्य मानकों की तुलना में काफी अधिक है। विशेष रूप से बैदनटोला और दायराशाह अजमल फीडर की स्थिति ने बिजली विभाग की चिंता बढ़ा दी है। विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
एसडीओ न्यू खुसरोबाग अनिल यादव ने बताया कि बैदनटोला क्षेत्र में सबसे अधिक बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। मुख्यालय ने 90 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस वाले फीडर को लेकर नोटिस जारी किया है और संबंधित क्षेत्रों में तत्काल विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान बिजली चोरी करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि उच्च लाइन लॉस वाले फीडरों पर लगातार सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। यदि जांच के दौरान मीटर बाईपास, कटिया कनेक्शन या किसी भी प्रकार का अनधिकृत बिजली उपयोग पाया जाता है तो संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी, भारी जुर्माना लगाया जाएगा और तत्काल बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।
विभाग ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत मीटर के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें। आवश्यकता होने पर लोड वृद्धि या विधा परिवर्तन की प्रक्रिया समय रहते पूरी कराएं तथा बिजली बिल का नियमित भुगतान करें। अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी रोकने में जनता का सहयोग ही बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।